Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Indira Ekadashi 2025 :इस बार इंदिरा एकादशी और एकादशी श्राद्ध का दुर्लभ संयोग, मिलेगा पाप व रोगों से छुटकारा

इस बार इंदिरा एकादशी और एकादशी श्राद्ध का दुर्लभ संयोग, मिलेगा पाप व रोगों से छुटकारा
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    धर्म डेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार 17 सितंबर का दिन बहुत ही खास माना जा रहा है। इस दिन इंदिरा एकादशी और एकादशी श्राद्ध का संयोग बन रहा है। इस दिन विशेष पूजा-व्रत करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा मिलती है। साथ ही व्यक्ति पाप व रोगों से मुक्त हो सकता है।

    इंदिरा एकादशी का महत्व

    हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन उपासना करने से जीवन में सुख, शांति और स्वास्थ्य मिलता है।

    एकादशी श्राद्ध का महत्व

    इस दिन उन मृतकों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है, जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन हुई हो। कहा जाता है कि इस दिन किया गया श्राद्ध विशेष फल देता है और पितरों पर भगवान विष्णु की कृपा बरसती है।

    एकादशी तिथि का समय

    • एकादशी तिथि की शुरुआत- 17 सितंबर को रात 12:21 बजे से
    • तिथि समाप्त- 17 सितंबर को रात 11:39 बजे तक

    इस दिन परिघ योग, शिव योग और शिववास का संयोग बन रहा है, इसलिए दिनभर भगवान की पूजा की जा सकती है।

    व्रत पारण का समय

    इंदिरा एकादशी का पारण 18 सितंबर को इस समय सुबह 6:07 बजे से 8:34 बजे तक होगा।

    एकादशी श्राद्ध पर पितरों के तर्पण के समय

    • कुतुप मुहूर्त- सुबह 11:51 से दोपहर 12:40 तक
    • रौहिण मुहूर्त- दोपहर 12:40 से 1:29 तक
    • अपराह्न काल- दोपहर 1:29 से 3:56 तक

    इन समयों में तर्पण और पिंडदान करना शुभ माना गया है।

    हरि की पूजा कैसे करें?

    प्रातःकाल स्नान करें। सूर्य भगवान को जल अर्पित करें। भगवान विष्णु की पूजा करें, उन्हें शालिग्राम रूप में पूजा जाता है। पूजा में पीले फूल, फल, पंचामृत, तुलसी दल शामिल कर भगवान विष्णु का ध्यान करें और उनके मंत्रों का जाप करें।

    People's Reporter
    By People's Reporter

    Latest Posts