सतना। मध्य प्रदेश में विज्ञान के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MP CST) की ‘विज्ञान मंथन यात्रा’ के तहत सतना के शासकीय एक्सीलेंस स्कूल व्यंकट-वन के 17 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। चयनित छात्र 20 से 27 अप्रैल के बीच देश की प्रमुख अंतरिक्ष संस्थाओं का शैक्षणिक भ्रमण करेंगे, जिससे उन्हें वैज्ञानिक कार्यप्रणाली को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
इस यात्रा के दौरान विद्यार्थी इसरो के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय और सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC), श्रीहरिकोटा का दौरा करेंगे। यहां वे अंतरिक्ष अनुसंधान, रॉकेट लॉन्चिंग और उपग्रह तकनीक से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रत्यक्ष रूप से देख और समझ सकेंगे। विद्यार्थियों के दल का नेतृत्व रसायन विज्ञान के शिक्षक डॉ. रामानुज पाठक और भौतिक विज्ञान की शिक्षिका नविता जायसवाल करेंगी, जो उन्हें प्रयोग, अवलोकन और विश्लेषण की वैज्ञानिक विधियों से परिचित कराएंगी।
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विज्ञान मंथन यात्रा के लिए चयन प्रक्रिया काफी प्रतिस्पर्धात्मक होती है। इसमें प्रदेश के MP बोर्ड , CBSE और ICSE बोर्ड के 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के विज्ञान स्ट्रीम के मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं। पात्रता के लिए विद्यार्थियों को पिछली कक्षा में कम से कम 95 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य होता है। चयन के बाद एक विशेष परीक्षा भी आयोजित की जाती है, जिसमें सफल प्रतिभागियों को 5 वर्षों तक हर महीने 1200 से 1500 रुपए तक की छात्रवृत्ति दी जाती है।
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एक्सीलेंस स्कूल व्यंकट-वन से चयनित विद्यार्थियों में 12वीं कक्षा के तोषी गौतम, पल्लवी राठौड़, ऋषिका त्रिपाठी और रुद्राक्ष त्रिपाठी शामिल हैं। 11वीं कक्षा से आदित्य पांडेय, अखंड प्रताप यादव, कंचन चौधरी, रितिक तिवारी और नेहा पटेल का चयन हुआ है। वहीं 10वीं कक्षा से कृष्णा गुप्ता, मोहिना गुप्ता, प्राची कुशवाहा, राधे गुप्ता और अंशराज सिंह तोमर को यह अवसर प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों के लिए, बल्कि पूरे विद्यालय और जिले के लिए गर्व की बात है।
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विद्यालय के प्राचार्य केएस बघेल ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में वैज्ञानिक चेतना का प्रसार करना और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है और वे भविष्य में विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित होते हैं। यह योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जो 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत शुरू की गई थी और लगातार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।