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MP Vidhan Sabha :होली से पहले विधानसभा में बजरबट्टू-महामूर्ख सम्मेलन के चर्चे, मंत्री ने विधायक को कह दिया 'मूर्ख'

विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार के तनावपूर्ण वातावरण के बाद शुक्रवार को माहौल ठीक उलट रहा। सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हल्के-फुल्के मजाक का दौर चला। इस दौरान इंदौर के प्रसिद्ध बजरबट्टू सम्मेलन और महामूर्ख सम्मेलन का जिक्र किया गया।
होली से पहले विधानसभा में बजरबट्टू-महामूर्ख सम्मेलन के चर्चे, मंत्री ने विधायक को कह दिया 'मूर्ख'
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। भाजपा के कद्दावर नेता और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए भंवरसिंह शेखावत शुक्रवार को एक बार फिर आमने-सामने रहे। मप्र विधानसभा बजट सत्र के पांचवें दिन भी इन दोनों के बीच हुई बातचीत चर्चा का विषय बन गई। सदन में उस समय ठहाके लगने लगे जब भंवरसिंह शेखावत ने कैलाश विजयवर्गीय के इंदौरी बजटबट्टू सम्मेलन का जिक्र किया और उस पर विजयवर्गीय ने ठहाके लगवा दिए।

    आज आप बदले-बदले से नजर आ रहे हैं...

    शुक्रवार को सदन में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मिजाज बदला हुआ था। गुरुवार को 'औकात' में रहने और 'औकात' दिखाने जैसी बहस के बाद आज मंत्री विजयवर्गीय हर बार सकारात्मक जवाब दे रहे थे। इस बदले हुए मिजाज पर विधायक भंवरसिंह शेखावत ने चुटकी ली और कहा कि आज कैलाश विजयवर्गीय बड़े बदले-बदले से नजर आ रहे, बात क्या है..? उन्होंने कहा इंदौर में हर साल बजरबट्टू सम्मेलन होता है, जिसमें खुद कैलाश जी ही बजटबट्टू बनते हैं तथा और किसी को बनने भी नहीं देते।

    मूर्ख सम्मेलन में इन्हें क्यों नहीं बुलाते..!

    इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी मजाकिया अंदाज में कहा कि होली पर होने वाले 'मूर्ख सम्मेलन' में क्या भंवरसिंह जी को नहीं बुलाया जाता..? इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने भी तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि वे तो पहले से ही हैं, इसलिए उन्हें बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती... इस पर सदन ठहाकों से गूंज उठा..!

    मामले का पटाक्षेप हो गया है, सकारात्मक बहस हो

    एक दिन पहले सदन में औकात शब्द को लेकर जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी असंसदीय भाषा का प्रयोग करने का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि मामले का पटाक्षेप हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा दिल दिखाते हुए माफी मांग ली है। हालांकि उन्होंने कहा कि मंत्रीजी न जाने किसे औकात दिखा रहे थे, बिजली वालों को, अधिकारियों को, किसानों को या बेरोजगार युवाओं को। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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