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प्रदेश में इसी साल से शुरू होगा दो ग्रीन एक्सप्रेस-वे का काम

भोपाल से इंदौर और लखनादौन से रायपुर की होगी बेहतर कनेक्टिविटी
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प्रदेश में इसी साल से शुरू होगा दो ग्रीन एक्सप्रेस-वे का काम

अशोक गौतम-भोपाल। दिल्ली-मुंबई-वड़ोदरा एक्सप्रेस- वे की तर्ज पर मध्य प्रदेश में दो (भोपाल से इंदौर और लखनादौन से रायपुर) और ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने एक्सप्रेस-वे का अलाइनमेंट बनाने के लिए हाल ही में टेंडर जारी कर दिया है। तीन से चार माह के अंदर सर्वे का काम पूरा हो जाएगा। भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए प्रारंभिक तौर पर करीब आठ हजार करोड़ और लखनादौन (सिवनी) से रायपुर (छग) एक्सप्रेस-वे बनाने पर 9 हजार करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। हाइवे 4 और 6 लेन होगा।

हालांकि सर्वे के बाद यह तय होगा कि इन दोनों एक्सप्रेस- वे को बनाने में कितनी राशि खर्च होगी, क्योंकि इन सड़कों में कई अंडरपास और फ्लाईओवर, एनिमल अंडर पास बनाए जाएंगे। दोनों हाइवे पर लगभग हर 50 से 100 किमी की दूरी पर एक जंक्शन होगा। सभी जंक्शन को किसी न किसी नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे से जोड़ा जाएगा।

पीपीपी मोड पर विकसित किए जाएंगे इंडस्ट्रियल क्षेत्र : दोनों एक्सप्रेस-वे के बीच-बीच में इंडस्ट्रियल क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। जहां सरकारी जमीन नहीं है वहां किसानों के साथ उद्योगपति एमओयू कर औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर सकेंगे।

50 किमी कम हो जाएगी भोपाल से इंदौर की दूरी

भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस-वे भोपाल वेस्टर्न रिंग रोड से जोड़ते हुए बनाया जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे इंदौर में चापड़ा, राघोगढ़ होते हुए एमआर-10 और इंदौर बायपास को जोड़ेगा। इससे भोपाल-इंदौर पहुंचने में करीब दो से ढाई घंटे लगेगा। इसकी दूरी भी करीब लगभग 50 किलोमीटर कम होगी। इस एक्सप्रेस-वे से जबलपुर से इंदौर जाने वाले वाहन भोपाल शहर के अंदर प्रवेश किए बिना सीधे इंदौर निकल जाएंगे।

बनेंगे इकोनॉमिक कॉरिडोर

दोनों एक्सप्रेस-वे का उपयोग इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में होगा। इन पर भारी वाहनों का दबाव रहेगा। पीथमपुर, धार, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, लखनादौन, रायपुर माइनिंग और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही ज्यादा होती है। इसके चलते इन इन एक्सप्रेस-वे को बनाने की मंजूरी केंद्र सरकार ने दी है।

आएंगी वन, शासकीय भूमि

दोनों हाइवे में ज्यादा से ज्यादा शासकीय और वन भूमि आएगी। निजी भूमि करीब 30 से 40 प्रतिशत आएगी। इससे भूमि अधिग्रहण में ज्यादा समय नहीं लगेगा। भूमि अधिग्रहण का काम राज्य सरकार करेगी, मुआवजा केंद्र देगा।

मध्यप्रदेश में दो ग्रीन एक्सप्रेस-वे को बनाने के लिए सर्वे का काम जल्द शुरू होगा। सर्वे एजेंसी तय करने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। -एसके सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी भोपाल, एनएचएआई

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