सिंगरौली। जिले के सरई थाना क्षेत्र अंतर्गत इटवा गांव में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला गांव के कोनी टावर पर चढ़ गई और अपने बेटे की रिहाई की मांग करने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला सोमवार सुबह अचानक टावर पर चढ़ी और ऊपर से ही लगातार अपनी मांग दोहराती रही। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए।
एसडीओपी गायत्री तिवारी ने बताया कि महिला के बेटे के खिलाफ हत्या के मामले में दर्ज प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है और नियमानुसार ही आगे की कार्रवाई संभव है। मौके पर मौजूद पुलिस, राजस्व अमले और ग्रामीणों द्वारा महिला को समझाइश दी जा रही है। एहतियात के तौर पर टावर के आसपास भीड़ को नियंत्रित कर लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता महिला को सुरक्षित नीचे उतारना है, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
यह पहली बार नहीं है जब किसी परिजन ने अपने रिश्तेदार के लिए इस तरह विरोध का रास्ता चुना हो। इससे पहले भी मध्यप्रदेश में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां भावनात्मक दबाव बनाने के लिए लोग जोखिम भरे कदम उठा चुके हैं। बीते वर्षों में ग्वालियर में एक युवक अपने भाई की गिरफ्तारी के विरोध में पानी की टंकी पर चढ़ गया था, वहीं छतरपुर में एक पिता बेटे के खिलाफ दर्ज मामले से नाराज होकर बिजली के टावर पर चढ़ बैठा था। इसी तरह दमोह और सतना में भी परिजनों द्वारा न्यायिक मामलों में हस्तक्षेप की मांग को लेकर ऊंचे ढांचों पर चढ़कर विरोध जताने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो बताती हैं कि भावनात्मक आवेग में लोग अपनी जान जोखिम में डालने से भी पीछे नहीं हटते।