इंदौर- पुलिस की वर्दी के पीछे छिपा ब्लैकमेलिंग का काला चेहरा बेनकाब हो गया है। साल 2022 के बहुचर्चित टीआई हाकमसिंह पंवार शूट एंड सुसाइड केस में वह महिला एएसआई रंजना खांडे, जिस पर टीआई का अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप लगे थे, आखिरकार सेवा से बर्खास्त कर दी गई है।
जुलाई 2022 भोपाल के श्यामला हिल्स थाने के टीआई हाकमसिंह पंवार ने इंदौर में पुलिस कंट्रोल रूम परिसर (रानी सराय, रीगल सर्कल) में अपने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने महिला एएसआई रंजना खांडे पर भी फायर किया था, लेकिन वह बाल-बाल बच गई थी। घटनाक्रम से पूरा पुलिस महकमा हिल गया था। तत्कालीन पुलिस कमिश्रर हरिनारायणचारी मिश्र ने एसआईटी का गठन कर जांच कराई थी।
डीसीपी मुख्यालय प्रकाश सिंह परिहार के पास जांच पहुंची तो उन्होंने केवल मामूली सजा देते हुए एएसआई रंजना खांडे की वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया था। अपनी सख्त छवि के लिए पहचाने जाने वाले वर्तमान पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने वापस फाइल खुलवाई तो कई छिपे राज सामने आ गए। पुन: जांच में खुलासा हुआ कि रंजना खांडे ने पुलिस की साख को भी दलदल में घसीटने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। वह गंभीर अनियमितताओं में लिप्त थी, जब हाकमसिंह पंवार सराफा थाना टीआई थे, तब रंजना उनके संपर्क में आई थी। धीरे-धीरे रिश्ता निजी और विवादित हो गया। रंजना द्वारा टीआई पंवार को अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल करने की बात सामने आई। ब्लैकमेलिंग, धमकियों और पैसे की मांग से तंग आकर हाकमसिंह ने घटना को अंजाम दिया था। जांच में उक्त तथ्य सामने आने पर अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर आरके सिंह ने कल एएसआई रंजना खांडे को सेवा से पृथक करने के आदेश जारी कर दिए।