द हंड्रेड :अबरार अहमद भी मुस्तफिजुर रहमान की तरह होंगे बाहर? जानें द हंड्रेड के नियम, BCCI से कितना अलग है ?

हालांकि इस फैसले से कई भारतीय फैंस खुश नहीं हैं। सोशल मीडिया पर लोग काव्या मारन और फ्रेंचाइजी को ट्रोल कर रहे हैं। कुछ फैंस का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के माहौल में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली टीम का पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन करना सही नहीं है।
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अबरार अहमद भी मुस्तफिजुर रहमान की तरह होंगे बाहर? जानें द हंड्रेड के नियम, BCCI से कितना अलग है ?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    स्पोर्ट्स डेस्क। पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को इंग्लैंड की मशहूर क्रिकेट लीग द हंड्रेड के 2026 सीजन के लिए साइन किए जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। अबरार को सनराइजर्स लीड्स फ्रेंचाइजी ने अपने साथ जोड़ा है, हालांकि यह फैसला भारत में सोशल मीडिया पर सूनामी लाया है। कई फैंस ने इस पर नाराजगी जताई है। जबकि कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या उनका भी वही हाल हो सकता है, जो हाल ही में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान का हुआ था।

    मुस्तफिजुर की तरह होगा हाल?

    दरअसल, आईपीएल में BCCI का बड़ा प्रभाव माना जाता है। कुछ समय पहले बीसीसीआई के निर्देश के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया था। इसी वजह से अब चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अबरार अहमद के साथ भी ऐसा कुछ हो सकता है। हालांकि यहां फर्क यह है कि आईपीएल भारत में आयोजित होता है, जबकि ‘द हंड्रेड’ इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के नियंत्रण में चलने वाली लीग है।

    BCCI क्या कर सकता है हस्तक्षेप?

    आईपीएल में BCCI की प्रभाव ज्यादा माना जाता है और वह फ्रेंचाइजी को सीधे निर्देश भी दे सकता है। जरूरत पड़ने पर बोर्ड टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति देने जैसे फैसले भी लेता है। लेकिन इंग्लैंड की लीग द हंड्रेड में ऐसा नहीं है, क्योंकि वहां पूरा नियंत्रण (ECB) के पास होता है। इसी वजह से सनराइजर्स लीड्स द्वारा अबरार अहमद को साइन किए जाने के बाद बढ़े विवाद में बीसीसीआई की सीधी भूमिका नहीं बनती।

    राजीव शुक्ला बोले- फैसला ECB को करना होगा

    विवाद बढ़ने के बाद बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी इस मामले पर बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यह विदेशी लीग का मामला है और बीसीसीआई के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उनके मुताबिक ‘द हंड्रेड’ का संचालन ईसीबी करता है, इसलिए इस मामले में वही अंतिम फैसला लेगा। शुक्ला ने स्पष्ट किया कि इस पूरे विवाद में बीसीसीआई कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

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    2 करोड़ से ज्यादा में बिके अबरार

    अबरार अहमद को इस टूर्नामेंट के लिए 1,90,000 पाउंड यानी करीब 2.34 करोड़ रुपये में टीम के साइन किया गया है। इसके साथ ही वह ‘द हंड्रेड’ में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए हैं।

    सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जमकर सुनाया

    हालांकि इस फैसले से कई भारतीय फैंस खुश नहीं हैं। सोशल मीडिया पर लोग काव्या मारन और फ्रेंचाइजी को ट्रोल कर रहे हैं। कुछ फैंस का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के माहौल में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली टीम का पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन करना सही नहीं है।

    अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस विवाद का असर अबरार अहमद की ‘द हंड्रेड’ में भागीदारी पर पड़ेगा या नहीं। क्योंकि आईपीएल की तरह यहां बीसीसीआई का सीधा नियंत्रण नहीं है और टूर्नामेंट का संचालन इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड करता है। ऐसे में फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे यह विवाद किस दिशा में जाता है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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