"सीता" रहे "अकबर" के साथ.. हरगिज मंजूर नहीं.. शेर-शेरनी को लेकर हुआ विवाद, विश्व हिंदू परिषद पहुंचा हाईकोर्ट, जानिए इस रोचक मामले को

कोलकाता। इस बार कहानी दो समुदाय की नहीं है, लेकिन बना दी गई है। मशहूर अंग्रेजी उपन्यासकार शेक्सपीयर कहते थे, "नाम में क्या रखा है", लेकिन यहां नाम पर ही तो विवाद हुआ है। अब जरा बंगाल में हुए इस रोचक मामले को समझिए। सिलिगुड़ी के बंगाल सफारी पार्क में त्रिपुरा से शेर-शेरनी का जोड़ा लाया गया है। अब इसमें ट्विस्ट य़े हुआ कि शेरनी का नाम सीता और शेर का नाम अकबर है। जू अथॉरिटी ने इन दोनों को साथ रख दिया। इसे लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने घोर आपत्ति जताई है। विहिप ने इसे हिंदू धर्म का अपमान बताते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है। लॉयन्स का ये कपल 12 फरवरी को त्रिपुरा के विशालगढ़ स्थित सिपाहीजला जूलॉजिकल पार्क से बंगाल सफारी पार्क पहुंचा था।
बंगाल के वन विभाग ने रखे नाम – VHP
विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि शेरों का नामकरण बंगाल के वन विभाग द्वारा किया गया है। 'अकबर' के साथ 'सीता' रखना हिंदू धर्म का अपमान है। वे इनका नाम बदलने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका लगा दी है। इस मामले में राज्य के वन अधिकारियों और सफारी पार्क के डायरेक्टर को पक्षकार बनाया गया है।












