1984 से चुनाव लड़ रही हूं, लेकिन इतना अत्याचार...चुनावी माहौल में ममता के शब्दों ने बढ़ाया सियासी तापमान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार (29 अप्रैल) को 142 सीटों पर मतदान हुआ। वोटिंग के दौरान लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। निर्वाचन आयोग के मुताबिक शाम तक करीब 78.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। हालांकि कुछ जगहों से भारी हिंसा और गड़बड़ी की खबरें भी आईं, लेकिन कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई।
कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण मतदान
चुनाव के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ 142 सामान्य पर्यवेक्षक और 95 पुलिस पर्यवेक्षक भी मैदान में मौजूद रहे। इसी वजह से ज्यादातर जगहों पर हालात नियंत्रण में रहे और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
मतदाताओं में दिखा उत्साह
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकले। खासकर युवा और महिलाओं की भागीदारी काफी अच्छी रही।
ममता बनर्जी का केंद्र पर निशाना
वोट डालने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल लोगों को परेशान कर रहे हैं और महिलाओं व बच्चों के साथ भी सख्ती की जा रही है।
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ममता ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में ऐसा चुनाव पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह चुनाव सच में निष्पक्ष है।
शुभेंदु अधिकारी का पलटवार
वहीं बीजेपी नेता और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने टीएमसी पर भी हंगामा कराने के आरोप लगाए।
भवानीपुर में दिखा दिलचस्प नजारा
कोलकाता की भवानीपुर सीट पर एक खास राजनीतिक पल देखने को मिला। यहां ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी एक ही समय पर एक ही मतदान केंद्र पर पहुंच गए। हालांकि दोनों नेताओं के बीच कोई बातचीत नहीं हुई, लेकिन उनकी मौजूदगी से वहां का माहौल काफी गर्म हो गया।
टीएमसी vs बीजेपी: सीधी टक्कर
इस चुनाव में भवानीपुर सीट सबसे ज्यादा चर्चा में रही, जहां मुकाबला मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है। पूरे राज्य में भी यही मुकाबला देखने को मिल रहा है।
दूसरे चरण के मतदान में जहां एक तरफ रिकॉर्ड वोटिंग देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ सियासी आरोप-प्रत्यारोप भी तेज रहे। अब सभी की नजरें नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।











