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West Asia Crisis : PM Modi ने की हाईलेवल मीटिंग, खाद, तेल, गैस को लेकर की चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक की। इसमें पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चा की गई।
PM Modi ने की हाईलेवल मीटिंग, खाद, तेल, गैस को लेकर की चर्चा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति (CCS) की अहम बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वैश्विक हालात का भारत पर संभावित असर और उससे निपटने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि आम नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो और देश की आर्थिक व औद्योगिक गतिविधियां सुचारु रूप से चलती रहें। बैठक में अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक उपायों की रूपरेखा तैयार करने पर जोर दिया गया, ताकि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनी रहे।

    नए निर्यात बाजार पर जोर

    बैठक में रसायन, औषधि, पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक कच्चे माल के आयात स्रोतों में विविधता लाने पर चर्चा हुई। सरकार भारतीय उद्योगों को संभावित वैश्विक व्यवधानों से बचाने के लिए वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने और नए निर्यात बाजार विकसित करने की योजना पर भी विचार किया गया। इससे निर्यात को मजबूती मिलने के साथ-साथ वैश्विक संकट के दौर में भारत की आर्थिक स्थिति को स्थिर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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    कैबिनेट सचिव ने दिया प्रेजेंटेशन

    कैबिनेट सचिव ने वैश्विक परिस्थितियों और उनके भारत पर संभावित प्रभाव को लेकर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इसमें कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, शिपिंग, व्यापार, वित्त और सप्लाई चेन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर प्रभाव का आकलन किया गया। बैठक में यह भी समीक्षा की गई कि अब तक विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने कौन-कौन से कदम उठाए हैं और आगे किन उपायों की आवश्यकता होगी। देश की समग्र मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति पर भी चर्चा हुई, ताकि किसी भी संभावित आर्थिक दबाव से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

    खाद्य, ऊर्जा और खाद सुरक्षा सुनिश्चित करने पर फोकस

    बैठक में खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से रणनीति बनाई गई। खरीफ सीजन के मद्देनजर किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उनके वैकल्पिक स्रोतों पर भी विचार किया गया। सरकार ने भरोसा जताया कि पर्याप्त भंडारण और समय पर आपूर्ति से खाद्य सुरक्षा प्रभावित नहीं होगी। साथ ही बिजली उत्पादन के लिए पर्याप्त कोयला भंडार उपलब्ध होने की जानकारी भी साझा की गई। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें, ताकि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके और आम जनता पर वैश्विक संकट का न्यूनतम असर पड़े। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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