वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पास
उम्मीद’ का विधेयक : 11 घंटे तक सदन में बहस, पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े

नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल 2025 बुधवार को लोकसभा में पास हो गया। करीब 11 घंटे चर्चा के बाद हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। अब यह बिल गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इससे पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं द्वारा दिए गए संशोधन पर भी वोटिंग हुई। इनमें विपक्ष के नेताओं के सभी संशोधन नामंजूर हो गए। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू का संशोधन स्वीकार किया गया। बिल को भाजपा के सहयोगी दलों टीडीपी, जेडीयू, एलजीपी , शिवसेना ने समर्थन दिया। वहीं कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस आदि ने विरोध किया। इससे पहले बुधवार सुबह लोकसभा में मंत्री किरेन रिजिजू ने बिल पेश करते हुए इसकी अहम बातों को साझा किया। उन्होंने बताया कि बिल को ‘उम्मीद’ (यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है।
अल्पसंख्यक मामले के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताई बिल की अहम बातें
- सेंट्रलाइज डेटा बेस होगा, वेबसाइट होगी। ट्रैकिंग होगी, काम वक्त पर होगा, करेक्शन करेंगे, ऑडिट भी होगा। लैंड (जमीन) राज्य का विषय है। राज्य सरकारों को पूरी अथॉरिटी मिलेगी। राज्य सरकारें ही पूरी तरह से इसकी निगरानी का काम करेंगी।
- वक्फ धार्मिक, चैरिटेबल मकसद के लिए बनाया जाता है। इनकम हो रही है कि नहीं, यह भी देखेंगे। दरगाहों, मस्जिदों के इमामों ने सुझाव दिए हैं। हमने उन्हें रिकॉर्ड में रखा है।
- जो प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड हो चुकी है, जहां आप नमाज पढ़ते हैं, उस पर कोई दखलंदाजी नहीं होगी। ये किसी के अधिकारों का हनन कर प्रॉपर्टी छीनने का कानून नहीं है।
- कोर्ट में जिन प्रॉपर्टी पर विवाद चल रहा है, उस पर भी कुछ नहीं होगा।
- कलेक्टर से ऊपर कोई भी अधिकारी सरकारी जमीन और किसी विवादित जमीन का विवाद देखेगा।
- वक्फ ट्रिब्यूनल में 3 मेंबर होंगे। इसके केस जल्द खत्म किए जाएं। इनका कार्यकाल होगा। अगर वक्फ के ट्रिब्यूनल के फैसले से खुश नहीं हैं तो अदालत जा सकते हैं।
- जब वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट करेंगे तो किसी आदिवासी एरिया में जाकर नहीं कर सकते।
- वक्फ बोर्ड जो कॉन्ट्रिब्यूशन देते हैं तो मुतावली पहले 7 फीसदी देते थे, अब उसे 5 फीसदी कर दिया गया है।
- कोई भी मुसलमान जब वक्फ क्रिएट करता है तो सबसे पहले महिला का अधिकार सुरक्षित करना होगा।












