पुतिन का भारत दौरा :S-500, Su-57 और डिजिटल पेमेंट सिस्टम… तय हो सकती हैं ये 9 गेमचेंजर डील्स

नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज (4 दिसंबर) भारत आ रहे हैं। यह उनकी चार वर्षों में पहली भारत यात्रा है और यूक्रेन युद्ध के बाद रूस की पहली बड़ी विदेश यात्रा मानी जा रही है। इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण India Russia Deal होने की उम्मीद है। जिसमें रक्षा, ऊर्जा और व्यापार शामिल हैं। पुतिन के दौरे का लक्ष्य दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करना है।
पुतिन के दौरे का शेड्यूल
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दिनांक |
समय |
कार्यक्रम |
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4 दिसंबर |
शाम 6:30 |
दिल्ली में आगमन, सीधे प्रधानमंत्री आवास, प्राइवेट डिनर मोदी के साथ |
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5 दिसंबर |
9:00 AM |
राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर और औपचारिक स्वागत |
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5 दिसंबर |
10:00 AM |
राजघाट में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि |
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5 दिसंबर |
11:00 AM |
हैदराबाद हाउस में 23वीं भारत-रूस समिट में भाग |
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5 दिसंबर |
2:00 PM |
हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक और भोज, प्रेस वक्तव्य |
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5 दिसंबर |
4:00 PM |
इंडिया-रूस बिजनेस फोरम को संबोधन |
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5 दिसंबर |
5:00 PM |
भारत मंडपम में बिजनेस लीडर्स से मुलाकात |
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5 दिसंबर |
7:00 PM |
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा स्टेट डिनर |
पुतिन भारत में कुल 27 घंटे रहेंगे और फिर देश छोड़ेंगे।
संभावित India Russia Deal
पुतिन के दौरे के दौरान 9 बड़ी डील होने की संभावना है:
- S-400 एयर डिफेंस सिस्टम- भारत के मौजूदा S-400 को अपडेट और नए सेट की खरीद।
- S-500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम-लंबी दूरी की मिसाइलों और हाइपरसोनिक मिसाइलों से रक्षा।
- Su-57 फाइटर जेट्स- 2-3 स्क्वॉड्रन नए रूसी फाइटर जेट्स की खरीद।
- पैंटसीर एयर डिफेंस सिस्टम- कम दूरी की मिसाइल और एयर डिफेंस के लिए।
- वोरोजनेज रडार डील- एडवांस्ड रडार सिस्टम से भारत की निगरानी क्षमता बढ़ाना।
- नौसैनिक सहयोग और समुद्री अभ्यास- दोनों देशों की नौसेनाओं के संयुक्त अभ्यास और लॉजिस्टिक सपोर्ट।
- पेमेंट सिस्टम साझेदारी- UPI और रूस के FPS या Mir कार्ड को लिंक करके डिजिटल भुगतान को आसान बनाना।
- भारतियों के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट- रूस में तकनीकी, मेडिकल और इंजीनियरिंग वर्कर्स के लिए नई नौकरियां।
- विमान और समुद्री जहाज निर्माण में साझेदारी- उच्च तकनीकी उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग।
दौरे का रणनीतिक महत्व
रक्षा: S-400 और S-500 सिस्टम से मिसाइल और हाइपरसोनिक हमलों से सुरक्षा।
वायुसेना: Su-57 फाइटर जेट भारत की एयरफोर्स की ताकत बढ़ाएंगे।
लॉजिस्टिक और नौसेना: RELOS समझौता नौसेना और वायुसेना की क्षमता को मजबूत करेगा।
ऊर्जा और तेल: रूस से तेल और उर्वरक की सप्लाई सुरक्षित रहेगी।
इस दौरे से भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखेगा और अमेरिका और यूरोप के दबावों के बावजूद रूस के साथ सहयोग मजबूत करेगा।
भारत-रूस व्यापार की स्थिति
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श्रेणी |
भारत से रूस |
रूस से भारत |
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एक्सपोर्ट |
₹41,000 करोड़ (मछली, चावल, तंबाकू, कपड़े, दवाइयाँ) |
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इम्पोर्ट |
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₹5.51 लाख करोड़ (तेल, पेट्रोलियम, उर्वरक, मशीनरी, कीमती धातुएं) |
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व्यापार लक्ष्य |
2030 तक 100 अरब डॉलर |
2030 तक 100 अरब डॉलर |
सुरक्षा और प्रोटोकॉल
- पुतिन की कार ऑरस सीनेट 7 टन की बुलेट और ब्लास्ट प्रूफ लिमोजिन।
- सुरक्षा में 35 साल से ऊपर के बॉडीगार्ड्स शामिल नहीं।
- दौरे में भारत में S-400 और Su-57 से जुड़ी डील पर विशेष ध्यान।











