हेल्थ डेस्क। अक्सर जब विटामिन्स की बात होती है, तो चर्चा विटामिन D, C या E तक ही सीमित रह जाती है। लेकिन एक ऐसा विटामिन भी है, जो चुपचाप शरीर के अंदर बेहद अहम काम करता है विटामिन K। यह न सिर्फ खून जमाने में मदद करता है, बल्कि हड्डियों को मजबूत रखने, दिल की सेहत सुधारने और घाव भरने में भी अहम भूमिका निभाता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, विटामिन K की कमी आजकल कई लोगों में देखने को मिल रही है, लेकिन इसके लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। अगर आपको हल्की चोट में भी ज्यादा खून बहता है, बार-बार थकान महसूस होती है या हड्डियां कमजोर लगती हैं, तो यह विटामिन K की कमी का संकेत हो सकता है।
विटामिन K एक फैट सॉल्युबल विटामिन है, यानी यह शरीर में फैट के साथ घुलकर बेहतर तरीके से काम करता है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है-
विटामिन K1 (फाइलोक्विनोन): जो हरी पत्तेदार सब्जियों में पाया जाता है।
विटामिन K2 (मेनाक्विनोन): जो फर्मेंटेड फूड और एनिमल प्रोडक्ट्स में मिलता है।
दोनों ही प्रकार शरीर के लिए जरूरी हैं और अलग-अलग कार्यों में मदद करते हैं।
शरीर में विटामिन K की कमी होने पर कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं-
लंबे समय तक इसकी कमी रहने से हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा भी बढ़ सकता है।
विटामिन K की कमी को दूर करने के लिए डाइट में सही चीजों को शामिल करना बेहद जरूरी है।
हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, सरसों का साग, मेथी, बथुआ, पत्ता गोभी जैसी हरी सब्जियां विटामिन K से भरपूर होती हैं। रोजाना इनमें से कम से कम एक सब्जी जरूर खानी चाहिए।
ब्रोकोली और फूलगोभी
इन दोनों सब्जियों में विटामिन K अच्छी मात्रा में पाया जाता है। ये पाचन के लिए भी फायदेमंद होती हैं।
सोयाबीन और सोया प्रोडक्ट्स
सोयाबीन, टोफू और सोया दूध में विटामिन K2 पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
दही और पनीर
फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दही और पनीर विटामिन K2 के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें नियमित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है।
अंडे की जर्दी
अंडे की जर्दी में भी विटामिन K पाया जाता है। हालांकि इसे संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए।
विटामिन K सिर्फ एक पोषक तत्व नहीं, बल्कि कई स्वास्थ्य लाभों का स्रोत है-
कुछ लोगों में विटामिन K की कमी का खतरा ज्यादा होता है, जैसे-
ऐसे लोगों को अपनी डाइट पर खास ध्यान देना चाहिए।
यह भी पढ़ें: चौंकाने वाली सच्चाई... बर्तन धोने वाले स्क्रब से होती हैं बीमारियां! जानें कितने दिन में बदलना जरूरी