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दूध-बेलपत्र नहीं…इस शिव मंदिर में चढ़ता है ताला! वजह कर देगी हैरान

प्रयागराज के मुट्ठीगंज स्थित नाथेश्वरनाथ महादेव मंदिर को लोग ताले वाले महादेव के नाम से जानते हैं। इस अनोखे शिवालय में भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए भगवान शिव को ताला अर्पित करते हैं।
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इस शिव मंदिर में चढ़ता है ताला! वजह कर देगी हैरान
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सनातन परंपरा में भगवान शिव की पूजा को सबसे सरल और शीघ्र फल देने वाली साधना माना गया है। यही वजह है कि देश के लगभग हर हिस्से में शिवालय देखने को मिलते हैं। कोई भक्त दूध से अभिषेक करता है, कोई गंगाजल चढ़ाता है और कोई केवल बेलपत्र अर्पित करके ही भोलेनाथ की कृपा पाने की कामना करता है। भगवान शिव को औघड़दानी कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों की प्रार्थना जल्दी सुनते हैं और उन्हें मनचाहा आशीर्वाद देते हैं।

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    प्रयागराज के प्रसिद्ध शिवालय

    संगम नगरी प्रयागराज में कई प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिर हैं। इनमें मनकामेश्वर महादेव, हाटकेश्वर महादेव और तक्षकेश्वर महादेव जैसे मंदिरों में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। इन मंदिरों में अलग-अलग प्रकार की मान्यताएं और पूजा परंपराएं देखने को मिलती हैं।
    इन्हीं शिवालयों में एक ऐसा मंदिर भी है, जो अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए ताला चढ़ाते हैं।

    नाथेश्वरनाथ महादेव: ताले वाले महादेव

    प्रयागराज के मुट्ठीगंज स्थित आर्यकन्या चौराहे पर नाथेश्वरनाथ महादेव का सिद्ध मंदिर स्थित है। यह मंदिर ताले वाले महादेव के नाम से भी प्रसिद्ध है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए भगवान शिव को ताला अर्पित करते हैं।

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    ताला चढ़ाने की अनोखी परंपरा

    मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, जो भी भक्त पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां शिव पूजा करके ताला बंद किया जाता है, उसकी मनोकामना जल्द पूरी होती है।
    जब उसकी इच्छा पूरी हो जाती है, तो वह दोबारा मंदिर आकर वही ताला खोल देता है। इस परंपरा को भक्त अपनी आस्था और विश्वास का प्रतीक मानते हैं।

    मंदिर का इतिहास और पहचान

    मंदिर के भक्तों के अनुसार, यह प्राचीन शिवालय नाथ संप्रदाय द्वारा स्थापित किया गया था। इसी कारण इसका नाम नाथेश्वरनाथ महादेव पड़ा। समय के साथ यहां ताला चढ़ाने की परंपरा इतनी प्रसिद्ध हो गई कि लोग इसे ताले वाले महादेव के नाम से जानने लगे।

    दर्शन का समय

    नाथेश्वरनाथ महादेव मंदिर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। इस दौरान भक्त भगवान शिव का अभिषेक, पूजन और ताला अर्पित कर अपनी मनोकामना व्यक्त करते हैं।Uploaded media

    आस्था का प्रतीक बना मंदिर

    ताले वाले महादेव का यह मंदिर आज भी हजारों भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां आने वाले लोग अपनी परेशानियों से मुक्ति और इच्छाओं की पूर्ति की कामना लेकर आते हैं। भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना और ताला अर्पित करने की परंपरा से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाओं को दूर कर देते हैं।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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