नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की जमानत याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां अदालत का रुख कड़ा नजर आया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि वादे पूरे न करने की वजह से ही उन्हें जेल जाना पड़ा। परिवार में शादी का हवाला देकर राहत की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को तुरंत स्वीकार नहीं किया। मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी तय की गई है।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कई मौकों पर भुगतान का आश्वासन दिया गया, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जहां से कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने शिकायतकर्ता को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और कहा कि फाइल में कई ऐसे पहलू हैं, जिन पर विस्तार से विचार करना होगा।
राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने अपने मुवक्किल से संपर्क करने की कोशिश की है और जमानत आवेदन दाखिल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर से जवाब मांगा जा सकता है और अगली सुनवाई तक कुछ ठोस प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल मामला सोमवार तक के लिए टाल दिया गया है, जहां जमानत पर आगे बहस होने की संभावना है।
यह मामला 2010 में शुरू हुआ, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए करीब पांच करोड़ रुपए का कर्ज लिया। कर्ज चुकाने में देरी होने पर जारी किए गए कई चेक बाउंस हो गए। अदालत ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत उन्हें दोषी ठहराया। बाद में बकाया राशि ब्याज सहित बढ़कर लगभग नौ करोड़ रुपए तक पहुंच गई। हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्होंने आत्मसमर्पण किया। पूर्व आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। फिलहाल जमानत याचिका पर सुनवाई जारी है। हालांकि इस बीच सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन सिंगर मीका सिंह और अन्य ने राजपाल की आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया है।