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चौंकाने वाली सच्चाई...बर्तन धोने वाले स्क्रब से होती हैं बीमारियां! जानें कितने दिन में बदलना जरूरी

रोज इस्तेमाल होने वाला किचन स्क्रब अगर समय पर न बदला जाए, तो यह बैक्टीरिया का घर बन सकता है। रिसर्च के मुताबिक पुराने स्क्रब में E. coli और Salmonella जैसे खतरनाक कीटाणु पाए जाते हैं, जो फूड पॉइजनिंग और पेट की बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
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बर्तन धोने वाले स्क्रब से होती हैं बीमारियां! जानें कितने दिन में बदलना जरूरी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    लाइफस्टाइल डेस्क। घर की साफ-सफाई में सबसे ज्यादा ध्यान रसोई पर दिया जाता है। बर्तन चमकदार हों, गैस चूल्हा साफ हो, स्लैब पर दाग न दिखें। इसके लिए हम दिन में कई बार इन्हें साफ करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस स्क्रब या स्पंज से आप बर्तन साफ करते हैं, वही अगर गंदा हो जाए तो क्या होगा?

    अक्सर लोग महीनों तक एक ही किचन स्क्रब या स्पंज का इस्तेमाल करते रहते हैं। बाहर से देखने में वह ठीक लगता है, लेकिन असल में वह बैक्टीरिया का घर बन चुका होता है। विशेषज्ञों और रिसर्च रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुराना किचन स्क्रब टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदा हो सकता है। यही वजह है कि समय पर स्क्रब न बदलना आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

    किचन स्क्रब क्यों बन जाता है बैक्टीरिया का घर?

    किचन स्क्रब और स्पंज दिन में दो से तीन बार इस्तेमाल होते हैं। हर बार बर्तन धोने के बाद ये गीले रह जाते हैं। इनके छोटे-छोटे छिद्रों में खाने के कण, तेल और गंदगी फंस जाती है। नमी और भोजन के कण बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल बनाते हैं।

    यही कारण है कि कुछ ही दिनों में स्क्रब के अंदर लाखों की संख्या में बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। रिसर्च के अनुसार, पुराने और गंदे किचन स्पंज में E. coli, Salmonella और फीकल बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो सीधे तौर पर पेट और आंतों से जुड़ी बीमारियों की वजह बन सकते हैं।

    टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदा हो सकता है स्क्रब

    यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि किचन स्क्रब में मौजूद बैक्टीरिया की मात्रा टॉयलेट सीट से भी ज्यादा हो सकती है। फर्क सिर्फ इतना है कि टॉयलेट सीट सूखी रहती है, जबकि स्क्रब लगातार गीला रहता है।

    गीलापन बैक्टीरिया की ग्रोथ को कई गुना बढ़ा देता है। अगर स्क्रब को ठीक से सुखाया न जाए और समय पर बदला न जाए, तो यह बर्तन साफ करने की बजाय गंदगी फैलाने लगता है।

    गंदे स्क्रब से कौन-कौन सी बीमारियों का खतरा?

    पुराने स्क्रब का इस्तेमाल करने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इनमें शामिल हैं-

    • फूड पॉइजनिंग
    • दस्त और उल्टी
    • पेट में तेज दर्द
    • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन

    स्किन एलर्जी और फंगल इंफेक्शन

    जब आप उसी स्क्रब से बर्तन धोते हैं, तो बैक्टीरिया बर्तनों पर चिपक जाते हैं और फिर खाने के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इसका असर पूरे परिवार की सेहत पर पड़ सकता है, खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों पर। 

    कितने दिन में बदलना चाहिए किचन स्क्रब?

    • विशेषज्ञों की मानें तो किचन स्क्रब की भी एक एक्सपायरी होती है। अगर आप रोज बहुत ज्यादा बर्तन धोते हैं, तो हर 7 दिन में स्क्रब बदलना चाहिए।
    • सामान्य घरेलू उपयोग में 10 से 14 दिन में स्क्रब बदलना सुरक्षित माना जाता है।
    • स्पंज स्क्रब जल्दी खराब होता है, इसलिए इसे 2-3 हफ्ते से ज्यादा न रखें।
    • स्टील या सिलिकॉन स्क्रब अपेक्षाकृत सुरक्षित होते हैं और 1-2 महीने तक चल सकते हैं।

    ध्यान रखें, स्क्रब बाहर से साफ दिखे फिर भी उसमें बैक्टीरिया हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ देखने के आधार पर इस्तेमाल जारी रखना सही नहीं है।

    ये संकेत दिखें तो तुरंत स्क्रब बदलें

    अगर आपके किचन स्क्रब में ये लक्षण दिखें, तो बिना देर किए नया स्क्रब इस्तेमाल करें-

    • तेज या अजीब बदबू आना
    • रंग का बदल जाना
    • स्क्रब का फट जाना
    • बहुत ज्यादा नरम या चिपचिपा हो जाना

    स्क्रब को साफ और सुरक्षित रखने के आसान तरीके

    अगर आप चाहते हैं कि स्क्रब कम समय में ज्यादा गंदा न हो, तो इन बातों का ध्यान रखें-

    • हर बार बर्तन धोने के बाद स्क्रब को गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह साफ करें।
    • स्क्रब को अच्छे से निचोड़कर सूखी जगह पर रखें।
    • हर 2-3 दिन में स्क्रब को सिरके या गर्म पानी में 5-10 मिनट भिगो दें।
    • गीले स्पंज को 1 मिनट के लिए माइक्रोवेव करने से बैक्टीरिया मर सकते हैं।
    • स्क्रब को सिंक के पास गीला न छोड़ें, क्योंकि वहां बार-बार पानी पड़ता रहता है।

    कौन-सा स्क्रब है बेहतर विकल्प?

    विशेषज्ञ मानते हैं कि स्पंज की तुलना में सिलिकॉन ब्रश और स्टील स्क्रब ज्यादा सुरक्षित होते हैं। इनमें बैक्टीरिया कम पनपते हैं और इन्हें साफ करना भी आसान होता है। हालांकि, इन्हें भी समय-समय पर बदलना जरूरी है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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