स्कूल जाने के लिए रोज जान हथेली पर! उफनती बेतवा नदी पार करते बच्चों का VIDEO वायरल, प्रशासन हरकत में

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से सामने आया एक वीडियो शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्कूली बच्चे तेज बहाव वाली बेतवा नदी के बीच बने स्टॉप डैम पर पैदल चलते हुए स्कूल जाते दिखाई दे रहे हैं। एक ओर उफनती नदी का पानी और दूसरी ओर पढ़ाई की मजबूरी। जरा-सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती है। वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। अधिकारियों ने बच्चों को सुरक्षित आवाजाही के लिए साइकिल उपलब्ध कराने, अस्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव भेजने और आसपास नया स्कूल खोलने की संभावना पर काम शुरू करने की बात कही है।
रोज 8 से 10 किलोमीटर बचाने के लिए पार करते हैं नदी
जिला प्रशासन के अनुसार, वीडियो विदिशा जिले के पालोह गांव का है। वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चे करुआ गांव के रहने वाले हैं और पालोह के हाई स्कूल में पढ़ाई करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यदि बच्चे सड़क मार्ग से स्कूल जाएं तो उन्हें रोज करीब 8 से 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इसी वजह से वे स्टॉप डैम वाले छोटे रास्ते को चुनते हैं, भले ही उसमें जान का खतरा बना रहता हो।
चार-पांच साल से यही रास्ता बना सहारा
बच्चों ने बताया कि वे पिछले चार से पांच वर्षों से इसी रास्ते से स्कूल आ-जा रहे हैं। उनका कहना है कि यही सबसे छोटा और सुविधाजनक रास्ता है। लंबा सड़क मार्ग रोज तय करना उनके लिए मुश्किल होता है, इसलिए जोखिम उठाकर भी वे नदी पार करने को मजबूर हैं।
वीडियो वायरल होते ही प्रशासन ने लिया संज्ञान
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। विदिशा के एसडीएम क्षितिज शर्मा ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे सुरक्षित सड़क मार्ग से स्कूल जा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि नदी पर अस्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा प्रभावित गांवों के पास नया स्कूल खोलने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे बच्चों को रोज नदी पार न करनी पड़े।
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सोशल मीडिया पर प्रशासन से पूछे जा रहे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि बच्चे पिछले कई वर्षों से इसी तरह जोखिम उठाकर स्कूल जा रहे थे, तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई? लोगों ने सवाल किया कि क्या प्रशासन को जागने के लिए वीडियो वायरल होने का इंतजार करना पड़ा? फिलहाल यह वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है और लोग उम्मीद जता रहे हैं कि बच्चों को जल्द सुरक्षित रास्ता और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी।












