पिछले कई दिनों से अमेरिका की तारीफ करने वाला पाकिस्तान आज सदमे में है। दरअसल पिछले 4 दिनों में अमेरिका ने जिस तरह इजरायल का साथ देकर ईरान में तबाही मचाई है उसने पाकिस्तान को भी अंदर से हिलाकर रख दिया है। देश पूरी तरह से डरा हुआ और सदमे में है। उसे ऐसा लग रहा है कि गलती से भी भारत और इजरायल के संबंध जिस तरीके से मजबूत हुए हैं दोनों अगर मिल जाते हैं तो पाकिस्तान का क्या होगा? इस पूरे मामले में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ वाकई सोचने पर मजबूर हो गए हैं। उन्हें देश की सुरक्षा खतरे में लग रही है।
ऐसा भी नहीं है कि पाकिस्तान को ईरान से कोई हमदर्दी है। क्योंकि पिछली बार जब 12 दिनों तक ईरान-इजरायल का युद्ध चला उस दौरान पाकिस्तान पूरी तरह से शांत पड़ा था। जानकारी के अनुसार पिछली बार ईरान पर हमले के दौरान पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर व्हाइट हाउस में बिरयानी उड़ा रहे थे, फिर अब ईरान मसले पर ऐसी हमदर्दी कैसे? दरअसल, इस पूरे मसले पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस बार अपनी बात रखी है। उन्होंने ईरान का पक्ष लेते हुए कहा कि- ईरान समझौते के लिए पूरी तरह से तैयार था, ऐसे में भी इजरायल ने जबरदस्ती उसपर युद्ध थोप दिया। उनका मानना है कि इस युद्ध की योजना जायोनिस्टों यानि यहूदियों के हक में लड़ने वालों ने पहले ही बनाई थी।
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पर अब सवाल यह उठता है कि आखिर जिस पाकिस्तान सरकार ने पिछली बार ईरान के पक्ष में एक शब्द नहीं कहा। कभी उसकी सहायता के लिए आगे नहीं आया, वो इस बार ईरान के पक्ष में इतनी पॉजिटिव बातें बोल कैसे रहा है? दरअसल ये डर सिर्फ इजरायल का नहीं, बल्कि इजरायल और भारत की उस दोस्ती का है, जो पूरी दुनिया देख रही है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री इस बात से डरे हुए हैं कि आने वाले समय में कहीं ईरान जैसी हालत पाकिस्तान की न हो जाए।
रक्षा मंत्री का मानना है कि ईरान में जो कुछ भी हो रहा है, वो एक सोची समझी हुई साजिश है। इसका असली मकसद इजराइल का प्रभाव पाकिस्तान की सीमा तक पहुंचाना है। उन्होंने इसे पाकिस्तान के खिलाफ बहुत बड़ी साजिश बताया और कहा कि सभी पाकिस्तानियों को इस साजिश को पहचानने की जरूरत है। इससे पाकिस्तान की सीमाएं असुरक्षित हो जाएंगी। देश इससे एक गुलाम राज्य बनने के कगार पर आ जाएगा। उन्होंने यहूदीवाद को इंसानियत के लिए खतरा बताया है।