रायपुर। राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। राज्य में राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं, जिन पर 16 मार्च को मतदान होगा। विधायकों की संख्या के आधार पर एक-एक सीट भाजपा और इंडियन नेशनल कांग्रेस को मिलने की संभावना जताई जा रही है। नामांकन प्रक्रिया 26 फरवरी से 5 मार्च तक चलेगी।
लक्ष्मी वर्मा मूलतः बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक के ग्राम मुड़पार की निवासी हैं और वर्ष 1990 से भाजपा की प्राथमिक सदस्य रही हैं। संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्हें वर्ष 2000 में तत्कालीन रायपुर सांसद रमेश बैस का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया। 2001 में वे भाजपा महिला मोर्चा कार्यसमिति की सदस्य बनीं और चार वर्षों तक इस दायित्व का निर्वहन किया। 2010 से 2014 तक वे भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति में रहीं, वहीं 2010 से 2022 तक महिला मोर्चा कार्यसमिति की सदस्य रहीं। 2021 से 2025 तक उन्होंने प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व संभाला और साथ ही मीडिया प्रवक्ता व गरियाबंद संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभाई।
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लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ। वर्ष 1994 में वे रायपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 07 से पार्षद निर्वाचित हुईं। 2010 में रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। 2019 में उन्होंने स्टील मंत्रालय के अंतर्गत एफएसएनएल में स्वतंत्र निदेशक के रूप में कार्य किया। 7 अक्टूबर 2024 से वे छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में संवैधानिक दायित्व निभा रही हैं। उनकी उम्मीदवारी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पसंद माना जा रहा है।
राजनीति के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी लक्ष्मी वर्मा की सक्रिय भूमिका रही है। वे शक्ति महिला मंच रायपुर की अध्यक्ष रह चुकी हैं और नेहरू युवा केंद्र से जिला युवा पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। कुटुंब न्यायालय रायपुर में परामर्शदाता सदस्य, अखिल भारतीय पंचायत परिषद की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड की उपाध्यक्ष जैसे पदों पर भी वे कार्यरत हैं। मनवा कुर्मी समाज में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। विधानसभा के गणित पर नजर डालें तो 90 सदस्यीय सदन में भाजपा के 54, कांग्रेस के 35 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के 1 विधायक हैं, जिससे मुकाबला रोचक होने की संभावना है।