इंदौर। बताया जा रहा है कि पार्षद को अलग-अलग नंबरों से लगातार फोन कॉल आ रहे थे, जिनमें लोग 'वंदे मातरम' बोल रहे थे। कॉल्स की संख्या इतनी अधिक हो गई कि उन्हें फोन बंद करना पड़ा। इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्षद रूबीना खान को पिछले कुछ दिनों से लगातार कॉल्स आ रहे थे। ये कॉल अलग-अलग नंबरों से किए जा रहे थे, जिनमें कॉलर फोन उठाते ही 'वंदे मातरम' कह रहे थे। कॉल्स की संख्या सैकड़ों में पहुंच गई, जिससे पार्षद को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे हो गए कि उन्हें अपना मोबाइल फोन बंद करना पड़ा है। अब वे परिवार के माध्यम से ही संपर्क में बनी हुई हैं।
ये भी पढ़ें: शहर से सटे गांवो में तेदुंए की दहशत बरकरार : पिंजरे लगा कर भूला वन विभाग फसलों को पानी नहीं देने जा पा रहे किसान
पार्षद के बेटे ने इस मामले में व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज साझा करते हुए आरोप लगाया कि उनका मोबाइल नंबर कई समूहों में शेयर किया गया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ संगठनों द्वारा यह नंबर साझा करने के बाद कॉल्स की संख्या अचानक बढ़ गई। हर मिनट में कॉल आने लगे, जिससे सामान्य बातचीत भी संभव नहीं हो पा रही थी।
ये भी पढ़ें: अंधविश्वास में हत्या: इंदौर में तंत्र-मंत्र के शक में दोस्त की हत्या करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
बता दें कि यह पूरा विवाद उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें पार्षद ने कहा था कि 'जबरदस्ती वंदे मातरम नहीं बुलवाया जा सकता' इस टिप्पणी के बाद भाजपा और अन्य संगठनों ने विरोध जताया, जिससे मामला और गरमा गया। इस बीच एक पार्षद फोजिया शेख से भी पुलिस ने पूछताछ की है, गौरतलब है कि फोजिया ने भी वंदे मातरम नहीं गया था। वे सम्मेलन में लेट पहुंची थी। इस मामले को लेकर शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है।