पीपुल्स संवाददाता, इंदौर। शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में तेंदुए का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मांगलिया, सुलाखेड़ी, कदवाली, मुंडलाबाग और सिलौटिया सहित आसपास के गांवों में एक सप्ताह बाद भी दहशत का माहौल बना हुआ है। लगातार तेंदुए के दिखने से ग्रामीणों में डर और बढ़ गया है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अलावा सबको तेदूंए दिख रहे है। वन विभाग ने केवल पिंजरे लगा कर इतिश्री कर ली है।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सुलाखेड़ी में तेंदुए ने एक किसान पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना के बाद से ही ग्रामीणों में भय बना हुआ है और अब अलग-अलग गांवों में तेंदुए के दिखने से चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीण महेन्द्र सिंह ने पीपुल्स समाचार को बताया कि पहले हम लगा रहा था कि एक ही तेदुंआ है जो यहां पर हमें दिख रहा है। लेकिन यहां कम से कम तीन तेदूंए है। जिसमें एक बच्चा भी है। अभी फूलों और प्याज और दूसरी खेती हो रही है। जिसे रात में पानी देना पड़ता है। हम भय के कारण नहीं जा पा रहे है। खेतों और गांव के पास लगातार उसकी हलचल देखी जा रही है, जिससे लोग अब अकेले बाहर निकलने से डर रहे हैं। स्थिति यह है कि ग्रामीण समूह में खेतों की ओर जा रहे हैं और बच्चों व महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा।
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वन विभाग ने इलाके में दो पिंजरे लगाए हैं, लेकिन अब तक तेंदुआ उनमें फंस नहीं पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिर्फ पिंजरे लगाकर जिम्मेदारी पूरी कर ली गई है, जबकि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। वन विभाग के अफसरों ने कहा कि हमें तेंदूए के मूवमेंट की जानकारी मिली है। दो पिंजरे लगाए है। लेकिन अब तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है। ग्रामीणों को सर्तकता बरतने के लिए कहा गया है।