इंदौर — इंदौर ग्रामीण के महू तहसील स्थित किशनगंज थाना क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित व्यापारी को 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाला आरोपी गैंगस्टर हैरी बॉक्सर बताया जा रहा है। पुलिस अब उस व्हाट्सएप नंबर की तलाश कर रही है, जिससे कॉल किया गया था। प्रारंभिक जांच में कॉल विदेश, संभवतः अमेरिका से किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
फोन उठाते ही उड़े व्यापारी के होश
जानकारी के अनुसार आरोपी ने पहले कई बार व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल किए, लेकिन कॉल रिसीव नहीं होने पर मैसेज भेजकर बात करने के लिए कहा। जैसे ही व्यापारी ने कॉल उठाया, सामने से आवाज आई — “मैं गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हैरी बॉक्सर बोल रहा हूं।”
शुरुआत में व्यापारी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिस पर आरोपी ने कहा — “मेरे बारे में पता कर लेना, मैं हूं हैरी बॉक्सर।” इसके बाद उसने 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी और रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। कॉल खत्म होते ही व्यापारी घबरा गया और सीधे किशनगंज थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने 351(4) ,308(5) BNS में किशनगंज थाने पर हैरी बाक्सर के ख़िलाफ़ FIR की गई हैं
व्हाट्सएप नंबर की जांच में जुटी पुलिस
गुरुवार को अज्ञात नंबर से आए इस कॉल के बाद व्यापारी और उनका परिवार दहशत में आ गया। पहले परिजनों को सूचना दी गई और बाद में पुलिस को शिकायत सौंपी गई। देर शाम लिखित शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी।
इंदौर ग्रामीण पुलिस के अनुसार कॉल करने वाले नंबर की लोकेशन, इंटरनेट कॉलिंग डेटा और वीपीएन के इस्तेमाल की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कॉल वास्तव में किसी संगठित गैंग से जुड़ा है या डराने के उद्देश्य से किया गया प्रयास है।
कौन है गैंगस्टर हैरी बॉक्सर
सूत्रों के मुताबिक हैरी बॉक्सर, जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता है और विदेश में बैठकर रंगदारी वसूली की गतिविधियां संचालित करने की आशंका है। जांच एजेंसियों के अनुसार गैंग के सदस्य सोशल मीडिया और इंटरनेट कॉलिंग ऐप के जरिए व्यापारियों, फिल्म कलाकारों और कारोबारियों को धमकी देकर फिरौती मांगने के मामलों में सक्रिय हैं।
हालिया चर्चित मामलों में भी हैरी बॉक्सर का नाम सामने आया है, जहां बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को कथित रूप से व्हाट्सएप वॉयस नोट भेजकर करोड़ों रुपये की मांग की गई थी। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन का इस्तेमाल किया था।