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सनातन की आवाज :पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने बनाई 'सनातनी संस्कृति पार्टी'

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने शुक्रवार को 'सनातनी संस्कृति पार्टी' के गठन का ऐलान किया।उनके साथ बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद थे।
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने बनाई 'सनातनी संस्कृति पार्टी'
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मथुरा। वृंदावन पहुंचे बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने शुक्रवार को प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में दर्शन-पूजन किए। मंदिर पहुंचने पर पुजारियों ने उन्हें पटका और माला पहनाकर स्वागत किया तथा प्रसाद भेंट किया। इसके बाद विजय एकादशी के अवसर पर उन्होंने वृंदावन की धरती से 'सनातनी संस्कृति पार्टी' के गठन की घोषणा की। 

    सनातन और संस्कृति होंगे मुद्दे

    अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यह पार्टी सनातन मूल्यों और सांस्कृतिक संरक्षण के मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी। आवश्यकता पड़ने पर समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन किया जाएगा, लेकिन पार्टी अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखेगी। अग्निहोत्री राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यह आयोजन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद बल्लभ गोस्वामी के आवास पर हुआ, जिसमें ब्राह्मण सभा, पंडा सभा, व्यापारी संगठन और बांके बिहारी कॉरिडोर का विरोध कर रहे गोस्वामी परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।

    तीन मुद्दों को लेकर चला रहे जनजागरण अभियान

    इस दौरान उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया और भगवान बांके बिहारी की छवि भेंट की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वह तीन प्रमुख मुद्दों पर जनजागरण अभियान चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि UGC रेगुलेशन देश में विभाजन की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं। साथ ही SC-ST एक्ट के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है।

    फर्जी SC-ST मामलों के लिए मेल आईडी

    बांके बिहारी कॉरिडोर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से पारंपरिक धार्मिक और सांस्कृतिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, मंदिर की परंपराएं गोस्वामी, पुरोहित और सेवादारों द्वारा वर्षों में स्थापित की गई हैं और इसकी मूल संरचना को सुरक्षित रखना समाज का दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि कथित फर्जी SC-ST मामलों में पीड़ितों की सहायता के लिए एक मेल आईडी जारी की गई है, जिस पर अब तक 40 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। कुछ मामलों में अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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