2027 चुनाव से पहले BJP का मास्टरस्ट्रोक :UP में नई टीम का ऐलान, 46 पदाधिकारियों की सूची जारी

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में अपनी नई संगठनात्मक टीम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने 46 पदाधिकारियों की सूची जारी करते हुए आगामी 2027 विधानसभा चुनाव और 2029 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर संगठन में बड़े बदलाव किए हैं। केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व की सहमति से घोषित इस नई टीम में कई नए चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
नीरज सिंह बने प्रदेश उपाध्यक्ष
नई सूची के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें यह जिम्मेदारी विधायक पंकज सिंह की जगह दी गई है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नीरज सिंह संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
प्रियंका रावत को मिला प्रमोशन
बाराबंकी की वरिष्ठ भाजपा नेता प्रियंका रावत को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक प्रदेश महामंत्री की भूमिका निभा रहीं प्रियंका रावत को पदोन्नति देकर प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी ने उन्हें संगठन में और अधिक प्रभावी भूमिका देने का फैसला किया है।
पूजा पाल को भी टीम में मिली जगह
बीजेपी ने अपने संगठन में नए सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश करते हुए पूजा पाल को भी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है। पूजा पाल पहले समाजवादी पार्टी से विधायक रह चुकी हैं। उनकी नियुक्ति को विपक्षी दलों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
जातीय और सामाजिक समीकरणों पर फोकस
भाजपा के इस संगठनात्मक फेरबदल में सामाजिक और जातीय संतुलन साफ नजर आता है। पार्टी ने विभिन्न वर्गों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। खासकर प्रियंका रावत जैसे दलित समाज से जुड़े नेताओं को आगे बढ़ाकर भाजपा ने सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने का संदेश दिया है।
- सुरेश राणा- उपाध्यक्ष
- सत्यपाल सैनी- उपाध्यक्ष
- ब्रज बहादुर- उपाध्यक्ष
- धर्मेंद्र सिंह- उपाध्यक्ष
- मोहित बेनीवाल- उपाध्यक्ष
- देवेश कोरी-उपाध्यक्ष
- प्रियंका रावत- उपाध्यक्ष
- दर्विुर्विजय शाक्य- उपाध्यक्ष
- रमेश सिंह- उपाध्यक्ष
- नीरज सिंह- उपाध्यक्ष
- अर्चना मिश्रा- उपाध्यक्ष
- पूजा पाल- उपाध्यक्ष- सपा की बागी
- शंकर गिरी- उपाध्यक्ष
- कामेश्वर सिंह- उपाध्यक्ष
- कृतिका अग्रवाल- उपाध्यक्ष
- सुरेश मौर्य- उपाध्यक्ष
- राजेश यादव- उपाध्यक्ष
- कृष्ण बिहारी राय- उपाध्यक्ष
- आलोक गुप्ता- उपाध्यक्ष
- रामप्रताप सिंह चौहान- महामंत्री
- गीता शाक्य- महामंत्री
- अभिजात मिश्रा- महामंत्री
- उपेंद्र रावत- महामंत्री
- संजय राय- महामंत्री
- शंकर लोधी- महामंत्री
- दिलीप पटेल- महामंत्री
- राजेश चौधरी- महामंत्री
- विजय शिवहरे- मंत्री
- बसंत त्यागी- मंत्री
- शिवभूषण सिंह- मंत्री
- सहजानंद राय- मंत्री
- अंकुर शर्मा- मंत्री
- अनिल यादव- मंत्री
- अवधेश श्रीवास्तव- मंत्री
- विजय राजभर- मंत्री
- प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा- मंत्री
- किरण लोधी निषाद- मंत्री
- राकेश बिंद- मंत्री
- संचिता सिंह चौहान (लुनिया)- मंत्री
- रजनी पांडेय- मंत्री
- राहुल वाल्मीकि- मंत्री
- महामेधा नागर- मंत्री
- दीपमाला संतोषी- मंत्री
- सुहासिनी जायसवाल- मंत्री
- यतेंद्र शर्मा- मंत्री
- आकांक्षा सोनकर- मंत्री
क्षेत्रीय अध्यक्ष
- पश्चिम- नबाब सिंह नागर
- ब्रज- पूरन लाल लोधी
- कानपुर- राम किशोर साहू
- अवध- अवधेश द्विवेदी
- काशी- अशोक चौरसिया
- गोरखपुर- विनोद राय
कार्यालय मंत्री
- भारत दीक्षित
कार्यालय सह-मंत्री
- अतुल अवस्थी- कार्यालय सह-मंत्री
- लक्ष्मण सिंह- कार्यालय सह-मंत्री
अन्य पद
- दिनेश प्रताप सिंह- मुख्य प्रवक्ता
- शमनीष दीक्षित- प्रदेश मीडिया संयोजक
- हिमांशुराज पंडित- प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक
युवा मोर्चा अध्यक्ष
- युवा मोर्चा- रोहित मिश्रा
- पिछड़ा मोर्चा- प्रकाश पाल
- किसान मोर्चा- देवेन्द्र सिंह
- अनुसूचित मोर्चा- अशोक रावत
- महिला मोर्चा- सरोज कुशवाह
- अनुसूचित जनजाति मोर्चा- विद्याभूषण गोंड
संजय राय और राजेश चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी
प्रदेश संगठन में अनुभव और नए नेतृत्व के संतुलन को बनाए रखते हुए भाजपा ने संजय राय पर एक बार फिर भरोसा जताया है। उन्हें दोबारा प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया है। वहीं, विधायक राजेश चौधरी को भी प्रदेश महामंत्री बनाकर संगठन की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रोहित मिश्रा बने युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष
युवाओं को पार्टी से जोड़ने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए रोहित मिश्रा को भाजपा युवा मोर्चा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में युवाओं के बीच संगठन की पहुंच और मजबूत होगी।
चुनावी तैयारी में जुटी बीजेपी
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भाजपा की यह नई टीम पूरी तरह चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, सामाजिक संतुलन साधने और नए वोट बैंक को जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। नई नियुक्तियों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।











