Shivani Gupta
6 Jan 2026
Manisha Dhanwani
6 Jan 2026
Garima Vishwakarma
5 Jan 2026
न्यूयॉर्क। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को सोमवार रात न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में पेश किया गया। मादुरो ने अदालत में ड्रग्स और हथियार तस्करी से जुड़े सभी आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि उन्हें वेनेजुएला से जबरन किडनैप किया गया। अमेरिकी अदालत में उनकी पहली सुनवाई ने अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया है और वैश्विक स्तर पर भी बड़ी हलचल मचा दी है।
मादुरो और उनकी पत्नी कोर्ट में हथकड़ियों में पेश हुए। मादुरो ने कहा, मैं अपराधी नहीं हूं। मैं एक सम्मानित व्यक्ति हूं और अब भी अपने देश का राष्ट्रपति हूं। उनके वकीलों ने अमेरिकी कार्रवाई को सैन्य अपहरण करार दिया और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। मादुरो फिलहाल रिहाई की मांग नहीं कर रहे, लेकिन भविष्य में उनका अधिकार सुरक्षित है। अदालत ने मादुरो और फ्लोरेस को अगली सुनवाई के लिए 17 मार्च 2026 निर्धारित किया।
सीलिया फ्लोरेस भी कोर्ट में पेश हुईं। उनके चेहरे पर चोट के निशान और पट्टी दिखाई दी। उन्होंने खुद को वेनेजुएला की प्रथम महिला बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया। कोर्ट में दोनों ने हेडफोन लगाए ताकि अदालत की भाषा को समझ सकें। मादुरो और फ्लोरेस को अदालत में वकीलों और अनुवादक की मदद से अपनी दलील प्रस्तुत करने का मौका मिला।
मादुरो और उनके सहयोगियों पर आरोप है कि, उन्होंने नशा तस्करों और आतंकी गिरोहों के साथ मिलकर अमेरिका में कोकीन पहुंचाने की साजिश रची। चार्जशीट में उनके बेटे निकोलस मादुरो गुएरा, गृह मंत्री डियोसडाडो काबेलो, और गैंग त्रेन दे अरागुआ के सरगना हेक्टर गुरेरो फ्लोरेस का नाम भी शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो ने हथियार रखने और ड्रग्स तस्करी के मामलों में लंबे समय तक अमेरिका में सक्रिय रहकर अपराध किया।
अमेरिकी ऑपरेशन की घटनाओं की समयसीमा इस प्रकार रही:
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तारीख |
समय (स्थानीय) |
घटना |
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2 जनवरी |
10:46 PM |
अमेरिकी राष्ट्रपति ने मादुरो को पकड़ने का मिशन मंजूर किया। |
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3 जनवरी |
2:48 AM |
अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में हवाई हमले शुरू किए। |
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3 जनवरी |
3:08 AM |
कमांडो हेलिकॉप्टर्स से राष्ट्रपति भवन में उतरे। |
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3 जनवरी |
3:29 AM |
मादुरो और पत्नी हिरासत में। |
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3 जनवरी |
4:21 AM |
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर गिरफ्तारी की घोषणा की। |
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3 जनवरी |
5:25 PM |
मादुरो और पत्नी को बेड़ियों में न्यूयॉर्क लाया गया। |
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3 जनवरी |
8:52 PM |
मादुरो को न्यूयॉर्क MDC जेल में रखा गया। |
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, कराकस में गोलियों और एंटी-एयरक्राफ्ट फायरिंग की आवाजें सुनाई दीं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, राजधानी में अलग-अलग सुरक्षा इकाइयों के बीच भ्रम और गलतफहमी के कारण यह घटना हुई। व्हाइट हाउस ने साफ किया कि अमेरिका का इसमें कोई हाथ नहीं है।
इसके अलावा, वेनेजुएला सरकार ने आपातकाल लागू किया और पुलिस को आदेश दिया कि अमेरिकी हमले का समर्थन करने वाले किसी भी व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद चीन और ईरान समेत उनके सहयोगी देशों ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। उनका कहना है कि, अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
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मादुरो को ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) में रखा गया है। यह जेल लंबे समय से चर्चा में रही है और यहां पर सफेदपोश अपराधियों, ड्रग्स तस्करों और गैंगस्टरों को रखा जाता है। इस जेल में पहले आर. केली, सैम बैंकमैन-फ्राइड, जेफ्री एपस्टीन और गिस्लेन मैक्सवेल जैसे हाई-प्रोफाइल कैदी रह चुके हैं।
मादुरो के वकील अमेरिकी अदालत के अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) को चुनौती देंगे। उनका दावा है कि, अमेरिकी एजेंसियों ने विदेशी जमीन पर अवैध कार्रवाई की। सुनवाई के दौरान मादुरो ने अदालत में कहा कि वह अभी भी वेनेजुएला का राष्ट्रपति हैं और किसी भी अपराध में शामिल नहीं।
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