HC से झटका, सुप्रीम कोर्ट से राहत :पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत, CM हिमंत बिस्वा की पत्नी से जुड़ा मामला

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइंया को लेकर बयानबाजी के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। रिंकी भुइंया ने आरोप लगाया था कि पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके खिलाफ फर्जी पासपोर्ट और संपत्ति से जुड़े झूठे दस्तावेज पेश किए। इसी के आधार पर गुवाहाटी में एफआईआर दर्ज की गई थी।
हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत
पवन खेड़ा ने पहले गुवाहाटी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी, लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने कहा कि पहली नजर में यह मामला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जुड़ा लगता है। कोर्ट ने माना कि ऐसे मामलों में हिरासत में पूछताछ जरूरी नहीं है।
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कोर्ट ने किन शर्तों पर दी जमानत?
- जांच में पूरा सहयोग करना होगा
- विदेश जाने से पहले कोर्ट को जानकारी देनी होगी
- सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे
हाईकोर्ट की टिप्पणी पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने बीएनएस की धारा 339 का हवाला देकर जो टिप्पणी की, वह सही नहीं थी, क्योंकि एफआईआर में इस धारा का जिक्र नहीं है।
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कोर्ट ने क्या साफ किया?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला ट्रायल के दौरान होगा। अभी के लिए यह मामला राजनीतिक टकराव का हिस्सा नजर आता है।











