अमेरिका की सबसे बड़ी मस्जिद में खूनी खेल!सैन डिएगो में टीनएजर्स ने की अंधाधुंध फायरिंग, 5 की मौत

कैलिफोर्निया। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैन डिएगो में सोमवार को हुई गोलीबारी ने पूरे देश को हिला दिया। सैन डिएगो काउंटी की सबसे बड़ी मस्जिद इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो में दो नाबालिग बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में एक सिक्योरिटी गार्ड समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और एफबीआई की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया। शुरुआती जांच में इस हमले को हेट क्राइम से जोड़कर देखा जा रहा है।
कैसे हुआ हमला?
पुलिस के मुताबिक, यह घटना सोमवार दोपहर स्थानीय समयानुसार करीब 11:45 बजे हुई। उस समय मस्जिद परिसर में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां चल रही थीं। परिसर में एक स्कूल भी संचालित होता है, जहां बच्चों को अरबी भाषा, कुरान और इस्लामिक स्टडीज की शिक्षा दी जाती है। बताया गया कि दो टीनएजर्स हथियार लेकर मस्जिद पहुंचे और बाहर मौजूद लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी। हमले में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें मस्जिद का सिक्योरिटी गार्ड भी शामिल था। बाद में दो और लोगों की मौत की पुष्टि हुई।
हमलावरों ने बाद में खुद को मारी गोली
सैन डिएगो पुलिस प्रमुख स्कॉट वाहल के मुताबिक, दोनों संदिग्धों की उम्र 17 और 19 साल थी। वारदात के कुछ देर बाद दोनों के शव मस्जिद के पास खड़ी एक कार में मिले। पुलिस का मानना है कि, दोनों ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अधिकारियों ने बताया कि, संदिग्धों में से एक घर से हथियार लेकर निकला था। उसकी मां ने पुलिस को फोन कर बताया था कि, उसका बेटा कई हथियार लेकर घर से भाग गया है और वह आत्मघाती कदम उठा सकता है।
सुसाइड नोट और हथियार पर मिली हेट स्पीच
जांच एजेंसियों को एक संदिग्ध के घर से सुसाइड नोट भी मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसमें नस्लीय श्रेष्ठता और नफरत से जुड़ी बातें लिखी थीं। इतना ही नहीं, हमले में इस्तेमाल एक हथियार पर भी हेट स्पीच लिखी हुई मिली। इसी वजह से पुलिस और एफबीआई इस मामले को हेट क्राइम के तौर पर जांच रही हैं। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक हमले के पीछे की पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की है।
गैर-मुस्लिमों का दौरा चल रहा था
मस्जिद के इमाम ताहा हस्साने ने बताया कि, सोमवार को कुछ गैर-मुस्लिम लोग इस्लाम को समझने और मस्जिद देखने के लिए आए थे। इस्लामिक सेंटर अलग-अलग समुदायों के बीच संवाद और भाईचारा बढ़ाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि, स्कूल के सभी शिक्षक और बच्चे सुरक्षित हैं। एहतियात के तौर पर मस्जिद और स्कूल को पूरे दिन के लिए बंद कर दिया गया है। लोगों से फिलहाल इलाके से दूर रहने की अपील की गई है।
सिक्योरिटी गार्ड ने बचाईं कई जानें
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हमले के दौरान मस्जिद के सिक्योरिटी गार्ड ने बहादुरी दिखाई और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की। अधिकारियों का कहना है कि, उनकी सूझबूझ की वजह से बड़ा नुकसान टल गया।
गवर्नर बोले- मुस्लिम समुदाय के साथ है कैलिफोर्निया
कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि, जहां परिवार, बच्चे और लोग शांति से इबादत करने आते हैं, वहां इस तरह का हमला बेहद भयावह है। उन्होंने कहा कि कैलिफोर्निया में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है और राज्य सरकार मुस्लिम समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी है। गवर्नर ऑफिस ऑफ इमरजेंसी सर्विसेज और हाईवे पेट्रोल की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
FBI भी जांच में जुटी
एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि एफबीआई एजेंट मौके पर पहुंच चुके हैं और स्थानीय एजेंसियों की मदद की जा रही है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, जनता को अपडेट दिया जाएगा।
मस्जिद में सामाजिक गतिविधियां भी होती हैं
इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो सिर्फ धार्मिक गतिविधियों का केंद्र नहीं है। मस्जिद की वेबसाइट के मुताबिक, यहां सामाजिक कार्यक्रम, सामुदायिक संवाद और दूसरे समुदायों के साथ मिलकर कई सामाजिक काम भी किए जाते हैं। यह मस्जिद मेक्सिको सीमा के पास स्थित इलाके की सबसे बड़ी मस्जिद मानी जाती है। यहां रोजाना पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है।
अमेरिका में लगातार बढ़ रही गोलीबारी की घटनाएं
अमेरिका में हाल के महीनों में गोलीबारी की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। इससे पहले लुइसियाना, रोड आइलैंड और मिनियापोलिस में भी कई बड़े शूटआउट सामने आ चुके हैं। अमेरिका में गन कल्चर करीब 230 साल पुराना है। संविधान के दूसरे संशोधन के तहत नागरिकों को हथियार रखने का अधिकार मिला हुआ है। इसी वजह से वहां हथियार खरीदना कई मामलों में आसान माना जाता है।
अमेरिकी कानून के मुताबिक, राइफल खरीदने के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल और हैंडगन के लिए 21 साल तय की गई है। हालांकि लगातार हो रही गोलीबारी की घटनाओं के बाद गन कंट्रोल कानूनों को लेकर बहस तेज हो गई है।











