Bastar:शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद बैठक, UP और MP समेत चार राज्यों के मुख्यमंत्री होंगे शामिल

जगदलपुर। कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर अब देश की बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक बैठकों का केंद्र बनता दिख रहा है। जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की जा रही है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हो रहे हैं। बैठक को लेकर पूरे बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
बस्तर में पहली बार इतनी बड़ी बैठक
बस्तर के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतने बड़े स्तर की अंतरराज्यीय बैठक यहां आयोजित हो रही है। लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के कारण चर्चा में रहने वाला यह इलाका अब शांति और विकास की नई तस्वीर पेश कर रहा है। केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है, जिसके बाद बस्तर में हालात तेजी से बदले हैं।
अमित शाह करेंगे बैठक की अध्यक्षता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय बस्तर दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिन वह जगदलपुर में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव, नीति आयोग के प्रतिनिधि, अंतरराज्यीय परिषद सचिवालय के अधिकारी और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होंगे।
चार राज्यों के मुख्यमंत्री हुए शामिल
बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मेजबान की भूमिका में हैं। उनके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हो रहे हैं। योगी आदित्यनाथ मंगलवार सुबह जगदलपुर पहुंचे। एयरपोर्ट से वह सीधे होटल पहुंचे, जहां बैठक आयोजित की गई है। वहीं मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री सोमवार रात ही जगदलपुर पहुंच चुके थे।
इन मुद्दों पर होगी अहम चर्चा
बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें राज्यों के बीच प्रशासनिक समन्वय बढ़ाने, कानून व्यवस्था को मजबूत करने और सीमा से जुड़े मामलों को सुलझाने पर जोर रहेगा। इसके अलावा बिजली आपूर्ति, सड़क और परिवहन, जल संसाधन, जनजातीय क्षेत्रों के विकास और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में संयुक्त रणनीति और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर भी विशेष चर्चा हो सकती है। केंद्र सरकार चाहती है कि राज्यों के बीच सहयोग बढ़े ताकि विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके।
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बस्तर की बदली तस्वीर
जिस क्षेत्र में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, वहां अब देश के बड़े नेता और अधिकारी विकास और समन्वय की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर में इस तरह की बैठक होना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बस्तर में तेजी से बदलाव आया है और अब यह क्षेत्र विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद राज्यों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने का प्रभावी मंच है। खास बात यह है कि परिषद में शामिल राज्यों के बीच किसी तरह का बड़ा विवाद नहीं है, जिससे विकास कार्यों में बेहतर समन्वय बनता है।
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क्यों खास है मध्य क्षेत्रीय परिषद
मध्य क्षेत्रीय परिषद हर साल आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य राज्यों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाना और साझा समस्याओं का समाधान निकालना होता है। परिषद के जरिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर संवाद भी स्थापित किया जाता है। पिछली बैठक जून 2025 में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित हुई थी। इस बार इसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है।











