CAA पर नहीं थम रही अमेरिका की बयानबाजी : अमेरिकी सांसद बोले- कानून को रमजान में लागू किया, हमें भारतीय मुस्लिमों की चिंता

इंटरनेशनल डेस्क। भारत में CAA लागू होने पर अमेरिका की चिंता थम नहीं रही है। कुछ दिन पहले ही भारत ने अमेरिका की चिंता पर जवाब दिया था लेकिन फिर से अमेरिका ने CAA को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी सांसद ने रमजान के महीने में भारत में नागरिकता संशोधन कानून लागू किए जाने पर सवाल उठाए हैं। जो बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद बेन कार्डिन ने कहा- मैं भारत के मुस्लिम समुदाय को लेकर चिंतित हूं।
रमजान में लागू किया, हालात बिगड़ेंगे : अमेरिकी सांसद
CAA को लेकर भारत ने पहले ही अमेरिका को कह दिया था कि उसे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन अमेरिकी सांसद ने इस बारे में बात करते हुए कहा, भारत और अमेरिका के बीच गहरे संबंध हैं। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि दोनों देशों में सहयोग मानवीय अधिकारों को लेकर साझा मूल्यों पर आधारित हो। इसमें धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। मैं भारत के मुस्लिम समुदाय पर इसके असर को लेकर चिंतित हूं। भारत सरकार ने कानून को रमजान के महीने में लागू किया, जो मामले को और बिगाड़ रहा है।
CAA पर अमेरिका ने पहले भी की थी टिप्पणी
बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने भारत में लागू हुए CAA के बारे में बात करते हुए कहा था कि, हम 11 मार्च की CAA के नोटिफिकेशन को लेकर चिंतित हैं। इस कानून को कैसे लागू किया जाएगा, हम इस पर करीब से निगरानी कर रहे हैं। धार्मिक स्वतंत्रता का आदर करना और कानून के तहत सभी समुदायों के साथ बराबरी से पेश आना लोकतांत्रिक सिद्धांत है।CAA की आलोचना करने पर भारत ने दिया था करारा जवाब
सीएए पर अमेरिकी विदेश विभाग के बयान को विदेश मंत्रालय ने गलत, अनुचित और बेतुका बताया था। भारत ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय को जवाब देते हुए कहा था, “नागरिकता संशोधन अधिनियम अपनी समावेशी परंपराओं, मानवाधिकारों के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए भारत का आंतरिक मामला है। यह नागरिकता छीनने के लिए नहीं है। भारतीय संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है, ऐसे में अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार पर कोई चिंता का विषय नहीं है।”












