होर्मुज में फिर बढ़ी हलचल:आखिर आर्टिकल-5 को लेकर अमेरिका-ईरान आमने-सामने क्यों?

युद्धविराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रशासन और नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच विवाद गहरा गया है। समझौते के एक प्रावधान की अलग-अलग व्याख्या दोनों देशों के बीच नए टकराव की वजह बनी है। हाल के घटनाक्रम में जहाजों पर हमले और जवाबी सैन्य कार्रवाई ने हालात को और संवेदनशील बना दिया। हालांकि ताजा जानकारी के अनुसार दोनों देश फिलहाल संघर्ष रोकने पर सहमत हुए हैं, लेकिन विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
युद्धविराम के बाद फिर बढ़ा तनाव
करीब दो सप्ताह पहले अमेरिका और ईरान ने चार महीने से चल रहे संघर्ष को रोकने के लिए एक समझौते पर सहमति जताई थी। इस समझौते का उद्देश्य होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करना था। शुरुआती दौर में दोनों देशों ने इसे सकारात्मक पहल बताया, लेकिन अब समझौते की एक शर्त को लेकर दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। इसी वजह से क्षेत्र में फिर तनाव का माहौल बन गया है।
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आर्टिकल-5 बना विवाद की वजह
समझौते के आर्टिकल-5 में कहा गया है कि ईरान 60 दिनों तक पूरी कोशिश करेगा कि फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच आने-जाने वाले कारोबारी जहाज सुरक्षित रूप से गुजर सकें। इसके लिए समुद्र में बिछाई गई माइंस हटाने, सैन्य बाधाएं समाप्त करने और जहाजों की आवाजाही सामान्य करने की बात कही गई है। हालांकि इसी अनुच्छेद की अंतिम पंक्ति अब दोनों देशों के बीच विवाद का मुख्य कारण बन गई है।
नियंत्रण को लेकर अलग-अलग व्याख्या
समझौते में यह भी उल्लेख किया गया है कि भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रशासन और समुद्री सेवाओं को लेकर ईरान, ओमान और अन्य खाड़ी देशों के साथ बातचीत करेगा। ईरान इस प्रावधान का अर्थ अपने संप्रभु अधिकारों के तहत प्रमुख नियंत्रण बनाए रखने से जोड़ रहा है। वहीं अमेरिका का मानना है कि इस मार्ग की व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय समन्वय के तहत होनी चाहिए, ताकि किसी एक देश का पूर्ण नियंत्रण न रहे और वैश्विक समुद्री व्यापार बिना रुकावट चलता रहे।
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एक बार फिर जहाजों पर हुए हमले
विवाद बढ़ने के साथ ही पिछले सप्ताह क्षेत्र में कई जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान पर हवाई हमले किए। इन घटनाओं ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से वैश्विक चिंता का केंद्र बना दिया। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा सप्लाई को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
फिलहाल संघर्ष रोकने पर बनी सहमति
तनावपूर्ण घटनाक्रम के बीच सोमवार को दोनों देशों के बीच संघर्ष रोकने पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रशासन और नियंत्रण को लेकर मूल विवाद अभी भी बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।












