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इस्लामाबाद में आमने-सामने की बैठक:उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, दामाद कुशनर और विशेष दूत स्टीव होंगे शामिल

पाकिस्तान की पहल पर अमेरिका और ईरान ने अचानक दो सप्ताह के लिए युद्ध विराम पर सहमति दी है। इस्लामाबाद में होने वाली आमने-सामने की बातचीत में उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर शामिल हो सकते हैं।
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उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, दामाद कुशनर और विशेष दूत स्टीव होंगे शामिल
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष को फिलहाल दो हफ्तों के लिए विराम दिया गया है। इस युद्ध विराम में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र जैसे देशों ने भी अमेरिका और ईरान को समझौते के लिए मनाने में मदद की।

    पाकिस्तान की पहल के बाद बुधवार को अमेरिका और ईरान को इस्लामाबाद में बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव खत्म करना और भविष्य के लिए स्थायी समाधान तैयार करना है।

    इस्लामाबाद में आमने-सामने की बातचीत का बुलावा

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में आमने-सामने की बातचीत के लिए पहुंचेंगे। इस बैठक का मकसद सभी विवादों को सुलझाने के लिए निर्णायक समझौते पर पहुंचना है।

    इस संघर्ष का दौर बेहद संवेदनशील था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक समय चेतावनी दी थी कि यदि हालात बिगड़े तो अमेरिका ईरानी सभ्यता को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

    अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल में होंगे उच्च अधिकारी

    पाकिस्तान में होने वाली बैठक में अमेरिकी पक्ष से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर और उप राष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हो सकते हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
    अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस बैठक का मकसद ईरान के साथ दीर्घकालिक और स्थायी समझौते का प्रारूप तैयार करना है। बैठक में पाकिस्तान की भूमिका मध्यस्थ की तरह होगी।

    युद्ध विराम पर अमेरिका-इजराइल की सहमति

    अमेरिका ने आखिरकार दो सप्ताह के लिए युद्ध विराम पर सहमति दी है। इजराइल ने भी इसका समर्थन किया है। यह फैसला उन देशों के दबाव और मध्यस्थता के बाद आया है जो इस संघर्ष में सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं।

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    28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सोशल ट्रुथ पर इस दो सप्ताह के युद्ध विराम की घोषणा की, जिससे दुनिया को बड़ी राहत मिली।

    अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले रोक दिए हैं और अब दीर्घकालिक समाधान के लिए आमने-सामने की बातचीत की तैयारी शुरू हो रही है।

    बैठक की संभावित रूपरेखा

    कुछ अधिकारियों का कहना है कि यह बैठक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है। बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप राष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे, जो फिलहाल हंगरी के दौरे पर हैं।

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    इस बीच, ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य अभियान में शामिल इजराइल के अधिकारी ट्रंप के इस अचानक बदलाव से आश्चर्यचकित हैं। हालांकि, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के फैसले का समर्थन किया है। इसका मतलब है कि इजराइल भी अमेरिकी नेतृत्व के अनुसार युद्ध विराम का पालन करेगा।

    मध्यस्थ देशों की भूमिका अहम

    पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र ने अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कराकर क्षेत्रीय तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम पश्चिम एशिया में स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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