43 दिन बाद खत्म हुआ US शटडाउन :सीनेट में सांसदों ने पक्ष में किया मतदान, ट्रंप ने किया साइन; विपक्षी बोले- लड़ाई अभी जारी है

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका में 43 दिन चला शटडाउन आखिरकार खत्म हो गया। बुधवार रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी फंडिंग बिल पर हस्ताक्षर कर दिए, जिससे सरकारी कामकाज अब औपचारिक रूप से फिर शुरू हो गया है। यह बिल अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में 222-209 मतों से पास हुआ था। सीनेट (ऊपरी सदन) पहले ही इसे मंजूरी दे चुका था।
साइन करते समय क्या बोले ट्रंप
ट्रंप ने बिल पर साइन करते हुए कहा कि, देश इससे बेहतर स्थिति में कभी नहीं रहा, यह एक महान दिन है। इस विधेयक से अब सरकार को 31 जनवरी तक फंडिंग मिलती रहेगी और इस दौरान किसी भी एजेंसी को कर्मचारियों की छंटनी करने से रोका जाएगा।
ACA सब्सिडी पर फिर बढ़ा राजनीतिक टकराव
राहत की इस खबर के साथ ही पुराना विवाद एक बार फिर उभर आया है। हेल्थ केयर प्रोग्राम (ACA सब्सिडी) यानी ‘ओबामा केयर’ के प्रीमियम टैक्स क्रेडिट्स को बढ़ाने को लेकर अभी भी कोई समाधान नहीं निकल सका है। ये सब्सिडी 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होने जा रही हैं और इस बिल में उन्हें बढ़ाने का कोई वादा नहीं किया गया है।
डेमोक्रेट्स का कहना है कि, वे इन सब्सिडी को तीन साल और बढ़ाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। डेमोक्रेटिक लीडर हकीम जेफ्रीज ने कहा कि, यह लड़ाई खत्म नहीं हुई है। हम हर दिन, हर हफ्ते तब तक लड़ेंगे जब तक अमेरिकी लोगों के लिए जीत नहीं मिलती।

रिपब्लिकन बोले- ‘शटडाउन एक टीवी शो जैसा’
यह मतदान डेमोक्रेट्स के न्यू जर्सी और एरीजोना में हुए हाई-प्रोफाइल चुनावों में जीत हासिल करने के कुछ ही दिन बाद हुआ। जिससे उन्हें उम्मीद थी कि हेल्थ सब्सिडी विस्तार को समर्थन मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रिपब्लिकन सांसद डेविड श्वाइकर्ट ने इसे ऐसा टीवी शो बताया, जिसमें असली मुद्दा कोई समझ नहीं पाया। वहीं डेमोक्रेट सांसद मिकी शेरिल ने कहा कि, सदन ट्रंप का रबर स्टैंप नहीं बन सकता, जो बच्चों से खाना और इलाज छीन रहा है।
‘ओबामा केयर’ क्या है और विवाद क्यों?
‘ओबामा केयर’ या Affordable Care Act (ACA) को 2010 में राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में लागू किया गया था। इसके तहत कम और मध्यम आय वाले अमेरिकियों को सरकार की ओर से हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के लिए आर्थिक मदद (सब्सिडी) दी जाती है। यह योजना उन परिवारों के लिए है जिनकी आय फेडरल गरीबी रेखा से 100% से 400% के बीच है।
रिपब्लिकन पार्टी और डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि, ये सब्सिडी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के लिए मुनाफे का सौदा हैं, जबकि डेमोक्रेट्स का दावा है कि इनके खत्म होने से लाखों अमेरिकियों के इंश्योरेंस प्रीमियम दोगुने हो जाएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर सब्सिडी समाप्त हो गई तो 2026 में औसत मासिक प्रीमियम $888 से बढ़कर $1,904 तक पहुंच सकता है।
फेडरल कर्मचारियों को राहत
फंडिंग बिल में यह भी प्रावधान है कि, 30 जनवरी तक किसी फेडरल एजेंसी को कर्मचारियों की छंटनी नहीं करनी होगी। इसके अलावा सभी फेडरल कर्मचारियों सैन्य बल, बॉर्डर पेट्रोल एजेंट्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को बैक पे (पिछला वेतन) भी दिया जाएगा। यह फैसला फेडरल वर्कर्स यूनियनों के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है।
शटडाउन का असर
1 अक्टूबर से शुरू हुआ यह शटडाउन अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा सरकारी शटडाउन रहा। इससे 4.2 करोड़ अमेरिकियों की फूड स्टैंप (SNAP) सहायता रुक गई। अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) के पास इस कार्यक्रम के लिए सिर्फ 5 अरब डॉलर का रिजर्व बचा था, जबकि नवंबर में जरूरत 9.2 अरब डॉलर की थी। करीब 6.7 लाख सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा गया और 7.3 लाख कर्मचारियों से बिना वेतन काम कराया गया। कुल मिलाकर करीब 14 लाख परिवारों को कर्ज लेकर गुजारा करना पड़ा।
हवाई यात्रा और अर्थव्यवस्था पर भी असर
शटडाउन की वजह से अमेरिका की हवाई सेवाएं बाधित रहीं। Delta Airlines के CEO एड बास्टियन ने बताया कि रद्द उड़ानों से एयरलाइन को बड़ा नुकसान हुआ है। परिवहन सचिव सीन डफी ने कहा कि, एयरपोर्ट संचालन सामान्य होने में कम से कम एक सप्ताह लगेगा। अमेरिकी कांग्रेसनल बजट ऑफिस का अनुमान है कि, इस शटडाउन से GDP वृद्धि दर में 1.5% तक की गिरावट आई है।
‘मूर्खतापूर्ण और निरर्थक’ बताया गया शटडाउन
सीनेट में सात डेमोक्रेट्स और एक स्वतंत्र सदस्य ने रिपब्लिकन के साथ मिलकर बिल पास कराया। हालांकि, हाउस के स्पीकर माइक जॉनसन ने इसे निचले सदन में लाने का कोई वादा नहीं किया। उन्होंने कहा कि, जैसा कि हम शुरू से कह रहे थे, यह शटडाउन पूरी तरह से मूर्खतापूर्ण और निरर्थक था।











