Shivani Gupta
2 Jan 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि प्रदेश के शिक्षक लंबे समय से बच्चों को पढ़ा रहे हैं और उनमें पर्याप्त अनुभव और योग्यता है। सरकार समय-समय पर उन्हें प्रशिक्षण और कार्यशालाओं के माध्यम से अपडेट भी करती रही है। ऐसे में उनकी वर्षों की सेवा और अनुभव को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षण कार्य के लिए TET (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) को अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश से पहले से नौकरी कर रहे हजारों शिक्षकों पर संकट खड़ा हो गया है।
यूपी सरकार का कहना है कि नए उम्मीदवारों के लिए TET अनिवार्य होना ठीक है, लेकिन जो शिक्षक पहले से पढ़ा रहे हैं और समय-समय पर ट्रेनिंग लेकर खुद को साबित कर चुके हैं, उन्हें इस दायरे में लाना सही नहीं होगा।
सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि बेसिक शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिवीजन याचिका दाखिल करे। अगर कोर्ट ने सरकार की दलील मानी तो वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को TET से छूट मिल सकती है। इससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।