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UP :फाइनल वोटर लिस्ट जारी, 13.39 करोड़ पार-प्रयागराज और गाजियाबाद सबसे आगे

उत्तर प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो गई है, जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या 13.39 करोड़ पहुंच गई है। SIR प्रक्रिया के बाद 84 लाख से ज्यादा नए वोटर्स जुड़े हैं। प्रयागराज और गाजियाबाद में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि महिलाओं और युवाओं की भागीदारी में भी बड़ा इजाफा देखा गया है।
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फाइनल वोटर लिस्ट जारी, 13.39 करोड़ पार-प्रयागराज और गाजियाबाद सबसे आगे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर चल रही लंबी प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने अंतिम वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस नई सूची ने चुनावी गणित को पूरी तरह बदलने के संकेत दे दिए हैं। पहले 6 जनवरी को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में मतदाताओं की संख्या करीब 12 करोड़ 55 लाख थी लेकिन अब यह बढ़कर 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 हो गई है। यानी कुछ ही महीनों में 84 लाख से ज्यादा नए वोटर्स जुड़ गए हैं। यह बढ़ोतरी सिर्फ आंकड़ा नहीं बल्कि आने वाले चुनावों की दिशा तय करने वाला बड़ा फैक्टर मानी जा रही है।

    मतदाताओं की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

    इस बार की सूची में मतदाताओं की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिला है। पुरुष मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 30 लाख 71 हजार 61 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 6 करोड़ 9 लाख 9 हजार 525 तक पहुंच गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि पुरुष और महिला दोनों वर्गों में लगभग बराबर बढ़ोतरी हुई है। इससे चुनाव में संतुलन और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ने वाले हैं। थर्ड जेंडर मतदाताओं को भी शामिल किया गया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और ज्यादा समावेशी बनाता है।

    इन जिलों में सबसे ज्यादा बढ़े वोटर

    अगर जिलों की बात करें तो प्रयागराज सबसे आगे निकलकर सामने आया है। यहां सबसे ज्यादा नए मतदाता जुड़े हैं। इसके बाद लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर जैसे जिले भी टॉप पर हैं। इन जिलों में बढ़ी हुई संख्या यह दिखाती है कि तेजी से शहरीकरण और आबादी का असर चुनावी भागीदारी पर भी साफ नजर आ रहा है।

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    विधानसभा सीटों पर भी बड़ा असर

    सिर्फ जिलों में ही नहीं, बल्कि विधानसभा स्तर पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद जैसी सीटों पर मतदाताओं की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसका सीधा असर आने वाले विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा क्योंकि इन सीटों पर मुकाबला पहले से ज्यादा कड़ा होने वाला है।

    कैसे हुई पूरी प्रक्रिया: SIR का रोल

    मतदाता सूची के इस बड़े अपडेट के पीछे विशेष पुनरीक्षण अभियान यानी SIR की अहम भूमिका रही है। इसकी घोषणा 27 अक्टूबर को की गई थी और 4 नवंबर से प्रक्रिया शुरू हुई। 26 दिसंबर तक गणना का काम पूरा कर लिया गया, जिसके बाद 6 जनवरी से दो महीने तक दावे और आपत्तियों का समय दिया गया। इस दौरान करीब 3 करोड़ 26 लाख लोगों को नोटिस भेजे गए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए। पूरी प्रक्रिया करीब 166 दिनों तक चली, जिसमें प्रशासन, चुनाव कर्मियों और राजनीतिक दलों ने मिलकर काम किया।

    ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव: भाजपा का संकल्प पत्र जारी, महिलाओं और युवाओं को हर महीने ₹3000 देने का वादा

    महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी

    इस बार की सूची में महिलाओं की भागीदारी में अच्छा इजाफा हुआ है। यह संकेत देता है कि अब महिलाएं पहले से ज्यादा संख्या में मतदान प्रक्रिया का हिस्सा बन रही हैं। वहीं 18-19 साल के नए वोटर्स की संख्या भी बढ़ी है। इसका मतलब है कि युवा वर्ग अब राजनीति और मतदान के प्रति ज्यादा जागरूक हो रहा है। यह बदलाव आने वाले चुनावों में नए मुद्दों और नई सोच को सामने ला सकता है।

    अभी भी खुला है मौका

    चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम अभी भी सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है। इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक अपने वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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