देश में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर चर्चा के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। टॉप नक्सल कमांडर सोडी केशा ने अपने 42 साथियों के साथ सरेंडर कर दिया है। सभी ने तेलंगाना के डीजीपी के सामने हथियार डाल दिए।
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में हथियार भी पुलिस को सौंपे। इनमें 5 AK-47, 4 SLR, 3 INSAS राइफल, 9 BGL और 3 रिवॉल्वर शामिल हैं। ये वही हथियार हैं जिनका इस्तेमाल सुरक्षाबलों पर हमलों में किया जाता था।
सोडी केशा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) का टॉप कमांडर माना जाता है। उसका सरेंडर बस्तर और आसपास के इलाकों में माओवादी नेटवर्क के कमजोर होने का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में सिर्फ आम कैडर ही नहीं, बल्कि डिवीजनल कमेटी मेंबर और एरिया कमेटी लीडर जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। इससे संगठन को बड़ा झटका लगा है।
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खबर है कि नक्सल कमांडर हेमला विज्जा भी जल्द आत्मसमर्पण कर सकता है। उसे सोडी केशा का करीबी माना जाता है। बताया जा रहा है कि वह 1-2 दिन में आधिकारिक तौर पर सरेंडर कर सकता है।
तेलंगाना में इस साल बड़े नक्सली नेताओं के सरेंडर का सिलसिला जारी है।
इन घटनाओं से साफ है कि नक्सली संगठन धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।
लगातार हो रहे सरेंडर से यह संकेत मिल रहा है कि माओवादी संगठन अब टूटने की स्थिति में है और कई बड़े नेता मुख्यधारा में लौट रहे हैं।