रायसेन। दशहरा मैदान में ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ का सोमवार को समापन हो गया। तीन दिन तक चले इस महोत्सव ने खेती को आधुनिक तकनीक, नवाचार और बाजार से जोड़ने का मजबूत संदेश दिया। समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी शामिल हुए। उन्होंने रायसेन रिंग रोड/पूर्वी बायपास के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने, डीपीआर तैयार करने और पुलों के सौंदर्यीकरण कार्यों को मंजूरी देने पर सहमति जताई। साथ ही अन्य सड़क परियोजनाओं में भी हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
गडकरी ने कहा कि अब खेती पारंपरिक दायरे से बाहर निकलकर आधुनिक तकनीक से जुड़ चुकी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, सैटेलाइट आधारित जानकारी और नैनो यूरिया जैसी तकनीकें खेती की लागत घटाकर उत्पादन बढ़ाने में मदद करेंगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ज्ञान को संपत्ति में बदलें और नवाचार अपनाएं। उन्होंने कहा कि किसान अब केवल अन्नदाता नहीं रहेंगे, बल्कि ऊर्जा, ईंधन और हाइड्रोजन के भी उत्पादक बनेंगे।
गडकरी ने कहा कि कृषि अवशेष, बायोमास, इथेनॉल और सीएनजी से किसानों की आय के नए स्रोत विकसित होंगे। जल संरक्षण को कृषि की रीढ़ बताते हुए ‘गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में’ का मंत्र दिया। उन्होंने डेयरी, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी को आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण साधन बताया। साथ ही प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज और वैल्यू एडिशन पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह महोत्सव केवल आयोजन नहीं, बल्कि नई शुरूआत है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की मिट्टी, जलवायु और संसाधनों के आधार पर ‘बीज से बाजार तक’ का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स और राष्ट्रीय स्तर की मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि योजनाएं जमीन पर उतर सकें।