दाऊद को भारत-आधारित बताने पर UN को भारत की फटकार, रिपोर्ट में गलती का आरोप

संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी को 'भारत-आधारित' आपराधिक गिरोह बताया गया है। इस पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारतीय राजनयिक ने रिपोर्ट में तथ्यों को सही तरीके से पेश नहीं करने और आतंकवाद से जुड़े मामलों में निष्पक्षता की कमी का आरोप लगाया। भारत ने कहा कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में छिपा हुआ है, जहां अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन भी मिला था और अमेरिकी कार्रवाई में मारा गया था।
UN की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक (स्पेशल रैपोर्टियर) बेन सॉल की रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम को डी-कंपनी नाम के आपराधिक गिरोह का सरगना बताया गया है। रिपोर्ट में इस गिरोह के आतंकवादी संगठनों से संबंध होने का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने साल 2003 में डी-कंपनी के सरगना को अल-कायदा से संबंधों के आधार पर सूचीबद्ध किया था। हालांकि, भारत ने रिपोर्ट में दाऊद के भारत में आतंकी हमलों के मामलों में वांछित होने और उसके देश छोड़कर भागने से जुड़ी जानकारी का पर्याप्त उल्लेख नहीं किए जाने पर सवाल उठाए हैं।
भारत ने UN के सामने जताई नाराजगी
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने रिपोर्ट की भाषा और तथ्यों को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विशेष प्रतिवेदकों की ओर से तथ्यात्मक रूप से गलत रिपोर्ट जारी किए जाने पर जवाबदेही तय नहीं होती। इससे सदस्य देशों के सामने गलत जानकारी पहुंचने का खतरा रहता है। पुरी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन के लिए निष्पक्षता और तथ्यों की सटीकता बेहद जरूरी है। उन्होंने आगाह किया कि इस तरह की गलतियां संगठन की विश्वसनीयता और वैधता को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
भारत ने कहा- पाकिस्तान में छिपा है दाऊद
भारतीय राजनयिक ने जोर देकर कहा कि दाऊद इब्राहिम भारत में आतंकी हमलों के मामलों में वांछित अपराधी है। उन्होंने कहा कि वह साल 2003 में संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल होने से काफी पहले भारत छोड़कर भाग गया था। पुरी के मुताबिक, दाऊद को अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन से संबंधों के कारण संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया था। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि दाऊद की स्थिति और उसके ठिकाने से जुड़े तथ्यों को रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से सामने रखा जाना चाहिए था।
1993 के मुंबई बम धमाकों में वांछित है दाऊद
दाऊद इब्राहिम भारत के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल है। भारतीय पक्ष के मुताबिक, वह 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों से जुड़े मामलों में वांछित है। भारत लंबे समय से उसके पाकिस्तान में छिपे होने की बात कहता रहा है, हालांकि पाकिस्तान उसके वहां होने से इनकार करता रहा है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र से आतंकवाद से जुड़े मामलों पर रिपोर्ट तैयार करते समय तथ्यों की सटीकता, निष्पक्षता और जवाबदेही के उच्च मानक बनाए रखने की अपील की है।




















