खिलचीपुर में RSS का पथ संचलन! घोष की धुन पर कदमताल करते निकले स्वयंसेवक, जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा

खिलचीपुर। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर में बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का वार्षिक पथ संचलन निकाला गया। इसमें स्वयंसेवक पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ शामिल हुए। घोष की देशभक्ति धुनों पर कदमताल करते स्वयंसेवकों का नगर में जगह-जगह स्वागत किया गया। नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया। पथ संचलन के दौरान नगर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
शस्त्र पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
पथ संचलन का शुभारंभ स्थानीय उत्कृष्ट विद्यालय मैदान से हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले वैदिक मंत्रोच्चार के साथ परंपरागत शस्त्र पूजन किया गया। इसके बाद बौद्धिक सत्र आयोजित हुआ, जिसमें संघ के विचारों, राष्ट्र सेवा और सामाजिक एकता पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पर्यावरण के प्रांतीय संयोजक शिवशंकर ने अपने संबोधन में भारत के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विश्व गुरु रहा है। समाज को अपने पूर्वजों के पराक्रम और गौरवशाली परंपराओं को याद रखना चाहिए।
'हर घर में स्वयंसेवक' तैयार करने का लक्ष्य
शिवशंकर ने संघ की यात्रा और उसके सामने आई चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न कठिनाइयों और प्रतिबंधों के बावजूद संघ राष्ट्र सेवा के कार्य में आगे बढ़ता रहा है। उन्होंने राष्ट्र और समाज के पुनरुत्थान के लिए हर घर में स्वयंसेवक तैयार करने के लक्ष्य पर जोर दिया।
पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने की अपील
संघ के शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर बात करते हुए मुख्य वक्ता ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। उन्होंने 'पंच परिवर्तन' को जीवन में अपनाने की बात कही। इसके तहत सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी को बढ़ावा और नागरिक कर्तव्यों के पालन पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज को आपसी मतभेद दूर कर एकता और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
घोष की धुन पर निकला पथ संचलन
बौद्धिक सत्र और संघ प्रार्थना के बाद पूर्ण गणवेश में सजे स्वयंसेवक अनुशासित पंक्तियों में नगर की सड़कों से निकले। घोष की धुन पर एक साथ कदमताल करते स्वयंसेवक लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। संचलन मार्ग पर नागरिकों ने स्वागत द्वार बनाए और पुष्पहारों के साथ पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।




















