'मेरे लिए ग्रीन कार्पेट, क्या तमाशा है ये?' अस्पताल में VIP इंतजाम देख भड़के सिंधिया

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 41 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों का जयारोग्य अस्पताल में इलाज जारी है। हादसे के बाद घायलों से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अस्पताल में VIP व्यवस्था देखकर नाराज हो गए। उनके स्वागत के लिए बिछाए गए ग्रीन कार्पेट पर उन्होंने सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने नो-एंट्री क्षेत्र में ट्रक के प्रवेश की अनुमति मिलने के मामले में सख्त जांच की मांग की।
ग्रीन कार्पेट देख क्यों भड़के सिंधिया?
दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के अस्पताल पहुंचने से पहले प्रशासन ने साफ-सफाई के साथ उनके स्वागत के लिए गेट पर ग्रीन कार्पेट बिछाया था। इसे देखकर सिंधिया नाराज हो गए और उन्होंने अस्पताल प्रशासन की इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- मैं ग्वालियर का हूं और ग्वालियर मेरा है। मेरे लिए कहां से ग्रीन कार्पेट, क्या बात है, तमाशा है ये? उन्होंने इस तरह की VIP व्यवस्था को गलत बताया। उनका कहना था कि जब हादसे में घायल लोग अस्पताल में इलाज करा रहे हैं, तब इस तरह के इंतजाम का कोई औचित्य नहीं है।
नो-एंट्री में ट्रक कैसे घुसा? सिंधिया ने उठाए सवाल
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हादसे की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस मामले की गहन और सख्त जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई हो सके। सिंधिया ने कहा कि कुछ लोग ट्रक के ब्रेक फेल होने या अन्य कारणों की बात कर रहे हैं, लेकिन अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। उनके मुताबिक, सबसे अहम सवाल यह है कि आधी रात को नो-एंट्री क्षेत्र में ट्रक को प्रवेश की अनुमति कैसे मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
शीतला माता मंदिर के पास हुआ था दर्दनाक हादसा
बता दें कि 18 अक्टूबर 2026 को ग्वालियर के सातऊ स्थित मां शीतला माता मंदिर के पास यह हादसा हुआ था। मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 41 से अधिक लोग घायल हुए। घायलों को जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद ट्रक के नो-एंट्री क्षेत्र में प्रवेश और दुर्घटना के कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि ट्रक शहर में कैसे दाखिल हुआ और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार था।




















