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'मेरे अच्छे दोस्त हैं लेकिन...'PM स्टारमर के इस्तीफे पर ट्रंप ने खोला मोर्चा, गिना दीं एक-एक कर सारी कमियां

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। उनके इस्तीफे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपना अच्छा दोस्त बताया, लेकिन साथ ही उनकी आलोचना भी की। 
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PM स्टारमर के इस्तीफे पर ट्रंप ने खोला मोर्चा, गिना दीं एक-एक कर सारी कमियां
PM स्टारमर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन डीसी। ब्रिटेन की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। ब्रिटिश प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टारमर ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी के कई सांसद और नेता अब अगले आम चुनाव में उनके नेतृत्व पर भरोसा नहीं जता रहे हैं। ऐसे में उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया।

स्टारमर ने कहा कि जब तक लेबर पार्टी नया नेता नहीं चुन लेती, तब तक वे प्रधानमंत्री और पार्टी नेता के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। उनके इस्तीफे की घोषणा के बाद ब्रिटेन की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी का अगला नेता कौन होगा।

स्टारमर के इस्तीफे पर ट्रंप की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कीर स्टारमर के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से स्टारमर के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा गया। ट्रंप ने कहा कि उनकी स्टारमर से कई मुद्दों पर असहमति रही है, लेकिन इसके बावजूद वे उन्हें एक अच्छा इंसान और अपना अच्छा दोस्त मानते हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने उनकी आलोचना की थी, लेकिन सिर्फ इसलिए क्योंकि मुझे लगता था कि वे ब्रिटेन की ऊर्जा नीति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।'

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ऊर्जा नीति को लेकर ट्रंप ने साधा निशाना

ट्रंप ने कहा कि ब्रिटेन के पास उत्तरी सागर में तेल और गैस के बड़े भंडार मौजूद हैं, लेकिन पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण वहां पर्याप्त तेल उत्पादन नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में हर जगह पवन ऊर्जा परियोजनाएं यानी विंडमिल्स लगाई जा रही हैं, जबकि देश अपने प्राकृतिक तेल संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं कर रहा है।

ट्रंप के मुताबिक, 'उत्तरी सागर का बड़ा हिस्सा ब्रिटेन के नियंत्रण में है। वहां काफी मात्रा में तेल मौजूद है, लेकिन पर्यावरण के नाम पर उत्पादन को सीमित किया जा रहा है।' अमेरिकी राष्ट्रपति लंबे समय से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के समर्थन में रहे हैं और उन्होंने कई बार हरित ऊर्जा नीतियों की आलोचना भी की है।

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नाटो और रक्षा मामलों को लेकर भी रहे मतभेद

ट्रंप ने सिर्फ ऊर्जा नीति ही नहीं, बल्कि रक्षा और सुरक्षा मामलों को लेकर भी स्टारमर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि नाटो से जुड़े कुछ मुद्दों पर स्टारमर का रवैया अमेरिका के लिए मददगार नहीं था। ट्रंप ने दावा किया कि कुछ सप्ताह तक ब्रिटेन ने एक महत्वपूर्ण सैन्य फैसले पर सहमति नहीं दी, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाद में ब्रिटेन ने सहयोग किया, लेकिन शुरुआती हिचकिचाहट ने स्टारमर की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया।

ईरान हमले को लेकर बढ़ा था विवाद

दोनों नेताओं के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरान से जुड़े सैन्य अभियान को लेकर सामने आया था। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका ने साइप्रस स्थित ब्रिटेन के सैन्य अड्डे आरएएफ अक्रोटिरी का इस्तेमाल ईरान के ठिकानों पर कार्रवाई के लिए करने की अनुमति मांगी थी।

ट्रंप का आरोप था कि इस मंजूरी को लेकर ब्रिटेन ने काफी समय लिया। उनका मानना था कि ऐसे महत्वपूर्ण सुरक्षा मामलों में सहयोग तेज होना चाहिए था। इस मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे। हालांकि बाद में ब्रिटेन ने सहयोग किया, लेकिन ट्रंप ने इसे एक राजनीतिक गलती बताया।

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ट्रंप ने गिनाईं स्टारमर के सामने मौजूद चुनौतियां

स्टारमर को शुभकामनाएं देते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां थीं, जिनसे निपटना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को इस समय तीन बड़े मुद्दों ऊर्जा संकट, बढ़ता आव्रजन और अपराध की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप के अनुसार इन मुद्दों ने ब्रिटिश जनता के बीच असंतोष बढ़ाया और सरकार पर दबाव बनाया।

उन्होंने कहा, मैं उनके अच्छे भविष्य की कामना करता हूं, लेकिन ऊर्जा, आव्रजन और अपराध जैसी समस्याएं उनके लिए बड़ी चुनौती बनी रहीं।

क्यों देना पड़ा स्टारमर को इस्तीफा?

कीर स्टारमर ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए साफ कहा कि उनकी पार्टी के एक बड़े वर्ग को अब उनके नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल के महीनों में पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा था। कई सांसदों और कार्यकर्ताओं को लगता था कि पार्टी जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत नहीं कर पा रही है। इसी कारण नेतृत्व परिवर्तन की मांग जोर पकड़ने लगी थी। आखिरकार बढ़ते दबाव के बीच स्टारमर ने पद छोड़ने का फैसला किया।

अब आगे क्या होगा?

स्टारमर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी। पार्टी का नया नेता ही भविष्य में प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेगा। जब तक नया नेता नहीं चुना जाता, तब तक कीर स्टारमर कार्यवाहक रूप में अपने पद पर बने रहेंगे।

ब्रिटेन की राजनीति के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि लेबर पार्टी किस चेहरे के साथ आगे बढ़ती है और देश की राजनीति किस दिशा में जाती है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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