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कीर स्टार्मर ने ब्रिटिश PM पद छोड़ने का किया ऐलान,10 साल में छठे प्रधानमंत्री ने छोड़ी कुर्सी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किंग चार्ल्स तृतीय से बातचीत हो चुकी है। लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव और राजनीतिक चुनौतियों के बीच उनका इस्तीफा आया है। एंडी बर्नहम को अगला प्रधानमंत्री बनने का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
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10 साल में छठे प्रधानमंत्री ने छोड़ी कुर्सी
कीर स्टार्मर ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। पिछले 10 सालों में वह छठे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने कुर्सी छोड़ी है।

ब्रिटेन की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। उन्होंने देश को संबोधित करते हुए कहा कि इस फैसले की जानकारी उन्होंने किंग चार्ल्स तृतीय को भी दे दी है। हालांकि नए प्रधानमंत्री के चुने जाने तक वह अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। कीर स्टार्मर के इस फैसले के साथ ब्रिटेन में राजनीतिक अस्थिरता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पिछले एक दशक में यह छठी बार है जब देश का कोई प्रधानमंत्री अपना पद छोड़ रहा है। ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा।

पार्टी के भीतर बढ़ रहा था दबाव

पिछले कुछ समय से लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग लगातार उठ रही थी। पार्टी के कई नेताओं का मानना था कि अब नेतृत्व की कमान किसी नए चेहरे को दी जानी चाहिए। इसी बीच उत्तरी इंग्लैंड के मेकरफील्ड उपचुनाव में एंडी बर्नहम की बड़ी जीत ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद एंडी बर्नहम का कद पार्टी के भीतर और मजबूत हो गया। इसके बाद कीर स्टार्मर पर पार्टी नेता पद छोड़ने का दबाव बढ़ने लगा। अब माना जा रहा है कि एंडी बर्नहम लेबर पार्टी के अगले नेता और ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

भारी बहुमत से जीते थे स्टार्मर

कीर स्टार्मर ने जुलाई 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। उनकी पार्टी ने 174 सीटों के बड़े बहुमत के साथ सत्ता हासिल की थी। उस समय उन्हें ब्रिटेन में बदलाव की उम्मीद के तौर पर देखा गया था। हालांकि सत्ता संभालने के बाद कई फैसलों को लेकर उनकी सरकार विवादों में घिर गई। टैक्स व्यवस्था, सामाजिक कल्याण योजनाओं और कुछ नीतिगत बदलावों को लेकर विपक्ष के साथ-साथ पार्टी के भीतर भी सवाल उठने लगे। कई मौकों पर सरकार को अपने फैसलों से पीछे हटना पड़ा, जिससे उनकी छवि प्रभावित हुई।

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विवादों ने बढ़ाई मुश्किलें

स्टार्मर सरकार को उस समय भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा जब वरिष्ठ लेबर नेता पीटर मेंडलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया गया। इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार बढ़ते विवादों और पार्टी के भीतर असंतोष ने स्टार्मर के लिए हालात मुश्किल बना दिए थे।

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एंडी बर्नहम ने दिया बदलाव का संदेश

उपचुनाव में जीत के बाद एंडी बर्नहम ने कहा था कि यह लेबर पार्टी के लिए “बदलाव का आखिरी मौका” है। उन्होंने दावा किया कि वह ब्रिटेन के लिए एक नया रास्ता पेश करेंगे। बर्नहम ने आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “ट्रिकल-डाउन इकोनॉमिक्स” का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पाया है। उनका मानना है कि देश को ऐसी नीतियों की जरूरत है जिनका सीधा फायदा जनता को मिले।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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