इंदौर। बाणगंगा थाना क्षेत्र में रेलवे पटरी के पास हुए अंधे कत्ल का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया कि महज एक मोबाइल फोन लूटने के बाद पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने युवक का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने स्मार्ट वर्किंग और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करते हुए कुलकर्णी का भट्टा निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
रेलवे पटरी किनारे मिला था शव -
गौरतलब है कि 11 फरवरी की रात एमआर-4 स्थित रेलवे पटरी के किनारे एक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई थी। अगले दिन 12 फरवरी की सुबह राहगीरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान फोजराम पिता लखन नारंग (42) के रूप में हुई थी। मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रावती जिले का रहने वाला फोजराम भागीरथपुरा में रिश्तेदारों के साथ किराए से रहकर फोटो बाइंडिंग का काम करता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि घटना की रात वह साथियों के साथ शराब पीने के बाद घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
संदिग्ध युवक कैमरों में दिखाई दिए -
घटनास्थल सुनसान और अंधेरे क्षेत्र में होने तथा आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण पुलिस के लिए यह हत्याकांड बड़ी चुनौती बन गया था। डीसीपी जोन-3 राजेश व्यास के अनुसार पुलिस ने मामले को चुनौती के रूप में लेते हुए अलग-अलग टीमें गठित कीं। टीमों ने घटनास्थल तक पहुंचने वाले हर रास्ते पर लगे कैमरों की सूक्ष्म जांच की। जांच के दौरान रात करीब 12 से 12:30 बजे के बीच कुछ संदिग्ध युवक कैमरों में नजर आए। लगातार ट्रैकिंग के बाद पुलिस आरोपियों के ठिकाने तक पहुंची और पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया।
ऐसे रची लूट के बाद हत्या की साजिश
पुलिस ने कुलकर्णी का भट्टा निवासी आर्यन और भरत को हिरासत में लिया तो शुरू में दोनों गुमराह करने लगे, लेकिन सख्ती के बाद उन्होंने पूरी वारदात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि वे हाल ही में राजस्थान के खाटू श्याम दर्शन से लौटे थे, जहां से एक चाकू खरीदकर लाए थे। यात्रा में पैसे खत्म होने के कारण उन्होंने लूट की योजना बनाई। घटना की रात शराब पीने के बाद दोनों शराब दुकान के बाहर खड़े होकर शिकार तलाशने लगे।इसी दौरान अकेले जा रहे फोजराम को उन्होंने आसान निशाना समझा। सुनसान स्थान पर पहुंचते ही चाकू अड़ाकर मारपीट की और उसका मोबाइल छीन लिया। भागते समय फोजराम ने ललकारते हुए थाने जाने की बात कही, जिससे घबराए आरोपी उसे खींचकर रेलवे पटरी के किनारे अंधेरे में ले गए और चाकू से गला रेतकर फरार हो थे।