महाकाल मंदिर परिसर में लगी आग : उज्जैन में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम की बैटरियां जलीं, श्रद्धालुओं में मची अफरा-तफरी

महाकाल मंदिर परिसर में लगी आग : उज्जैन में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम की बैटरियां जलीं, श्रद्धालुओं में मची अफरा-तफरी
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार दोपहर एक हादसा हो गया। मंदिर परिसर में मौजूद फैसिलिटी सेंटर की छत पर अचानक आग लग गई। यह आग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board) के कंट्रोल रूम में लगी बैटरियों से फैली। गनीमत रही कि, हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

शंखद्वार के पास लगी आग

जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे की है जब मंदिर परिसर के गेट नंबर-1, जिसे अवंतिका गेट कहा जाता है, के पास बने फैसिलिटी सेंटर की छत से धुआं उठता देखा गया। कुछ ही पलों में आग की लपटें तेज हो गईं और धुआं दूर तक दिखाई देने लगा। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और एहतियात के तौर पर प्रवेश को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

सोलर पैनल की बैटरी से फैली आग

बताया जा रहा है कि आग पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम की बैटरियों में लगी, जिससे ऊपर लगे सोलर पैनल और बैटरियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

दमकल की तत्परता से बड़ा हादसा टला

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और टीम ने तत्परता से आग पर काबू पाया। आग पर पूरी तरह काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद जले हुए उपकरणों और बैटरियों को बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ।

मौके पर पहुंचे कलेक्टर और एसपी

जैसे ही हादसे की सूचना मिली, उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक और नगर निगम कमिश्नर आशीष पाठक मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को इलेक्ट्रिकल सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए। पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोला गया गेट

आग पर काबू पाने के बाद मंदिर के गेट को श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोल दिया गया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए वायरिंग, बैटरी और सोलर सिस्टम की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं।

मंदिर प्रशासन हुआ सतर्क

इस हादसे के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को और कड़ा कर दिया है। परिसर में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वायरिंग की जांच शुरू कर दी गई है। मंदिर के भीतर और बाहर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ये भी पढ़ें- हरियाणा कांग्रेस के पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर गिरफ्तार, दिल्ली के फाइव स्टार होटल से ED ने पकड़ा; 1500 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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