Ujjain News : बाबा महाकाल की पहली सवारी निकली, मनमहेश रूप में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

उज्जैन। श्रावण मास में सोमवार को भगवान महाकाल की पहली सवारी निकल रही है। देशभर से हजारों श्रद्धालु सवारी मार्ग पर चांदी की पालकी में विराजित भगवान महाकाल के मनमहेश रूप की एक झलक पाने के लिए उमड़ रहे हैं। वहीं सावन मास में बाबा महाकाल प्रजा का हाल जानने के लिए निकले हैं। इस बार खास बात यह है कि पवित्र माह सावन की शुरुआत भी सोमवार से हुई है।
भजनों की धुन पर झूमे श्रद्धालु
उज्जैन में बाबा महाकाल की पहली सवारी निकाली जा रही है। इस दौरान मार्ग पर सवारी के दर्शन का इंतजार कर रहे श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते दिखाई दिए।
इन मार्गों से गुजर रही यात्रा
महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में पूजन के बाद करीब शाम 4 बजे सवारी शुरू हुई। बाबा महाकाल ने श्रद्धालुओं को मनमहेश स्वरूप में दर्शन दिए। सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शाम 5.30 बजे मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंचेगी। यहां पुजारी शिप्रा जल से भगवान महाकाल का अभिषेक कर पूजा अर्चना करेंगे। https://x.com/psamachar1/status/1815353051206525227पुन: मंदिर पहुंचेगी सवारी
पूजन पश्चात सवारी रामानुजकोट, गणगौर दरवाजा, कार्तिक चौक, जगदीश मंदिर, ढाबारोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए शाम 7.15 बजे पुन: मंदिर पहुंचेगी। सवारी में सबसे आगे मंदिर का प्रतिनिधित्व करता चांदी का ध्वज रहेगा। पीछे पुलिस का अश्वरोही दल, पुलिस बैंड, सशस्त्र बल की टुकड़ी शामिल होगी।सवारी में शामिल हुआ जनजातीय कलाकारों का दल
महाकाल की प्रथम सवारी में आदिवासी अंचल के जनजातीय कलाकारों का दल भी शामिल हुआ है। धार- झाबुआ के भगोरिया नृत्य के पारंपरिक वेशभूषा में कलाकार नाचते गाते हुए देखे जा रहे हैं। देखें VIDEO












