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उज्जैन में किसान आंदोलन :लैंड पुलिंग योजना के विरोध में हजारों की संख्या में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे किसान

- कृषि समुदाय ने जताया विरोध, सरकार से की गई मांगें पूरी नहीं होने पर सप्लाई रोकने की चेतावनी
लैंड पुलिंग योजना के विरोध में हजारों की संख्या में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे किसान
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में लैंड पुलिंग योजना के खिलाफ जबरदस्त किसान आंदोलन तेज हो गया है। भारतीय किसान संघ जिला उज्जैन मालवा प्रांत के आह्वान पर मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्राली से उज्जैन में दाखिल हो रहे हैं। 

    अब तक करीब 2000 ट्रैक्टर-ट्राली और 5000 से अधिक किसान शहर में पहुंच चुके हैं। अनुमान है कि 10 हजार से अधिक किसान इस आंदोलन में भाग लेंगे। किसान सामाजिक न्याय परिसर (आगर रोड) से शुरू होकर कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे।

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    भाजपा नेता पारस जैन ने भी दिया समर्थन

    इस प्रदर्शन को भाजपा नेता और पूर्व मंत्री पारस जैन ने भी समर्थन दिया, हालांकि उन्होंने कुछ देर बाद मौके से वापस लौट गए। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो गांवों से दूध, सब्जी आदि की सप्लाई बंद कर दी जाएगी।

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    किसान नेताओं का बड़ा आह्वान

    संघ प्रचारक एवं भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा कि सरकार अब तक किसानों की आवाज़ तक नहीं सुनी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी इस मसले पर बात नहीं होने की बात कही। किसान अपनी 15 सूत्रीय मांगों पर अड़ गए हैं और सरकार से स्पष्ट जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

    किसानों की प्रमुख मांगें

    • सिंहस्थ क्षेत्र से लैंड पुलिंग योजना पूरी तरह समाप्त की जाए।
    • दोनों तरफ सर्विस रोड बनाएं जाएं।
    • सेवरखेड़ी, सिलारखेड़ी के किसानों की गाइडलाइन बढ़ाई जाए।
    • सोयाबीन का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए।
    • सूखाग्रस्त क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था सुधारी जाए।
    • मुख्यमंत्री ट्रांसफार्मर अनुदान योजना पुनः शुरू हो।
    • राजस्व रिकार्ड सुधार पखवाड़े में पटवारी के गांव में बैठने के दिन तय किए जाएं।
    • आवारा पशुओं से फसल की सुरक्षा के लिए ठोस योजना बनाएं।
    • खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
    • फसल बीमा में सैटेलाइट सर्वे की बजाय क्रॉस कटिंग के आधार पर बीमा क्लेम किया जाए।
    • लैंड पुलिंग कानून को समाप्त किया जाए।
    • अधिग्रहित जमीन का मुआवजा चार गुना बढ़ाकर दिया जाए।
    • अनावश्यक भूमि अधिग्रहण रोकने की मांग।
    • कम ऊंचाई वाला फोरलेन और सर्विस रोड की सुविधा दी जाए।
    • ग्रीन फील्ड योजना में उचित ऊंचाई और मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।

    रैली मार्ग और यातायात व्यवस्था में बदलाव

    कृषि आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने विशेष रूप से प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की है। रैली सामाजिक न्याय परिसर से शुरू होकर आगर रोड, चामुंडा माता चौराहा, तरणताल होते हुए कोठी क्षेत्र स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी। रैली के दौरान वाहन मार्गों में डायवर्सन किए जा रहे हैं ताकि यातायात व्यवस्था पर असर न पड़े।

    • मंडी चौराहा से चामुंडा माता मंदिर, इंदिरा प्रतिमा चौराहा, पिपली नाका, हरिफाटक चौराहा आदि प्रमुख मार्ग डायवर्सन किए जाएंगे।
    • कार्यक्रम समाप्ति के बाद सभी वाहन विक्रमनगर मार्ग से पाइप फैक्ट्री होते हुए बाहर जाएंगे।
    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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