उज्जैन स्थित एक प्रतिष्ठित गुरुकुल से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षक द्वारा छात्र की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना ने शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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करीब 1 मिनट के वायरल वीडियो में एक शिक्षक छात्र पर छड़ी से मारते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि बेरहम शिक्षक दत्तदास शेवड़े ने छात्र पर गुस्से में छड़ी से हमला किया। वीडियो में छात्र दर्द से कराहता दिखाई देता है, जबकि आसपास मौजूद अन्य छात्र डर के कारण चुप बैठे रहते हैं।
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जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक सामान्य सी बात से हुई थी। छात्र द्वारा दूसरे बच्चे के बिस्तर पर सोने को लेकर शिक्षक नाराज हो गए। इसी बात पर उन्होंने गुस्से में आकर छात्र की पिटाई शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह पिटाई काफी देर तक चलती रही।
यह घटना महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के अंतर्गत संचालित एक आदर्श वेद विद्यालय की बताई जा रही है। यह संस्थान केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और यहां आवासीय रूप से वेद शिक्षा दी जाती है। इस तरह की घटना सामने आने के बाद संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
भारतीय परंपरा में गुरु को मार्गदर्शक और संरक्षक माना जाता है, लेकिन इस घटना ने उसी परंपरा की गरिमा को झकझोर दिया है। जिस स्थान को संस्कार और अनुशासन का केंद्र माना जाता है, वहां इस तरह की हिंसा ने शिक्षा के वातावरण पर चिंता बढ़ा दी है।
घटना सामने आने के बाद भी संस्थान प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस चुप्पी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
सूत्रों के अनुसार, इस तरह के संस्थानों को सरकारी अनुदान के साथ-साथ अभिभावकों से भी शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा दान के रूप में भी कई संसाधन प्राप्त होते हैं। ऐसे में यह भी जांच का विषय बन गया है कि संसाधनों और व्यवस्थाओं का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है और क्या निगरानी पर्याप्त है।
इस मामले की जानकारी चिंतामन गणेश पुलिस स्टेशन को मिली, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पीड़ित छात्र और उसके अभिभावकों से काउंसलिंग की गई। नाबालिग के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115, 296 और बाल संरक्षण से संबंधित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
बताया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक दत्तदास शेवड़े केवल अध्यापक ही नहीं, बल्कि वार्डन की जिम्मेदारी भी संभालते थे। इसी कारण अनुशासन के नाम पर सख्ती को उन्होंने हिंसा में बदल दिया। अब आशंका जताई जा रही है कि अगर विस्तृत जांच होती है, तो अन्य छात्रों के साथ भी ऐसे व्यवहार के मामले सामने आ सकते हैं।