सवाल सुनते ही उलझे मंत्री सिलावट:-अपनी ही पार्टी के विधायक को बता बैठे कांग्रेस नेता

इंदौर में गुरुवार को जल संसाधन मंत्री और सांवेर विधायक तुलसीराम सिलावट की प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय असहज माहौल में बदल गई, जब उनसे बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय और रीना बोरासी विवाद को लेकर सवाल पूछ लिया गया। सवाल सुनते ही मंत्री सिलावट खुद ही अपने जवाबों में उलझ गए और कुछ ही मिनटों में बार-बार बयान बदलते नजर आए।
मीडिया ने जैसे ही पूछा कि रीना बोरासी द्वारा लगाए गए आरोपों पर चिंतामणि मालवीय ने मानहानि नोटिस भेजा है, मंत्री सिलावट ने बिना पूरा मामला समझे इसे “कांग्रेस का आपसी मामला” बता दिया। मंत्री का यह जवाब सुनते ही मंच पर मौजूद बीजेपी नेताओं और पदाधिकारियों ने उन्हें तुरंत टोका और याद दिलाया कि चिंतामणि मालवीय उनकी ही पार्टी के विधायक हैं।इसके बाद भी मंत्री सिलावट स्थिति संभाल नहीं पाए और लगातार विरोधाभासी बयान देते रहे। पहले उन्होंने कहा कि “सही होगा तभी तो आरोप लगाए गए होंगे, इसकी निष्पक्ष जांच होगी और सही पाया गया तो कार्रवाई भी होगी।”
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मंत्री का यह बयान सामने आते ही मंच पर बैठे बीजेपी नेताओं ने फिर उन्हें बीच में रोककर पूरा मामला समझाया। इसके बाद मंत्री ने तुरंत अपना रुख बदल लिया और कहा कि “जो आरोप लगाए गए थे, वे बेबुनियाद हैं और चिंतामणि मालवीय ने जो शिकायत की है, वह सही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री के बदले हुए बयान और बार-बार सफाई देने की स्थिति ने माहौल को असहज बना दिया। मौके पर मौजूद लोग भी मंत्री के बयान बदलने पर हैरानी जताते नजर आए।
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क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, रीना बोरासी ने हाल ही में बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों में एक महिला के साथ कथित यौन शोषण और संपत्ति पर कब्जा करने जैसी बातें शामिल हैं। इन आरोपों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई थी।इसके जवाब में विधायक चिंतामणि मालवीय ने रीना बोरासी को 10 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि सात दिन के भीतर आरोपों से जुड़े प्रमाणित दस्तावेज पेश किए जाएं, अन्यथा उनके खिलाफ 10 करोड़ रुपए का मानहानि दावा और आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।












