चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा,संपत्ति भी जब्त

चीन में सेना और रक्षा मंत्रालय से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। चीन की सैन्य अदालत ने देश के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों ली शांगफू और वेई फेंगहे को भ्रष्टाचार का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई है। एक सरकारी एजेंसी के अनुसार दोनों की सजा फिलहाल दो साल के लिए निलंबित रहेगी। अगर इस दौरान दोनों किसी नए अपराध में शामिल नहीं पाए जाते हैं तो उनकी सजा को उम्रकैद में बदला जा सकता है। अदालत ने दोनों नेताओं की पूरी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है।
अचानक गायब हुए थे ली शांगफू
पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू पिछले साल अचानक सार्वजनिक कार्यक्रमों से गायब हो गए थे। करीब दो महीने तक वे कहीं नजर नहीं आए, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई थीं। बाद में अक्टूबर 2024 में उन्हें रक्षा मंत्री के पद से हटा दिया गया। अब चीन की सरकारी एजेंसियों ने पहली बार खुलकर माना है कि ली शांगफू के खिलाफ भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की जांच चल रही थी। एक सरकारी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियों ने पाया कि ली ने पार्टी अनुशासन और कानून का गंभीर उल्लंघन किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने रक्षा सौदों और सैन्य उपकरणों की खरीद में बड़े स्तर पर रिश्वत ली। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल कर कई लोगों को अनुचित फायदा भी पहुंचाया। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि ली की गतिविधियों से चीन की सेना और हथियार विकास कार्यक्रम की साख को नुकसान पहुंचा।
वेई फेंगहे पर भी रिश्वत लेने के आरोप साबित
पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में दोषी पाए गए हैं। चीन की सैन्य अदालत के मुताबिक वेई ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े फैसलों में फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत ली। वेई फेंगहे चीन की सेना के बेहद ताकतवर अधिकारियों में गिने जाते थे। वे 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे। इससे पहले वे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA की रॉकेट फोर्स के कमांडर भी रह चुके हैं। रॉकेट फोर्स चीन की सबसे संवेदनशील सैन्य यूनिट मानी जाती है। यही यूनिट देश की परमाणु मिसाइलों और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को संभालती है।
रॉकेट फोर्स पर सबसे ज्यादा शक
चीन में चल रही सैन्य भ्रष्टाचार जांच का सबसे बड़ा केंद्र PLA रॉकेट फोर्स और हथियार खरीद विभाग को माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को शक है कि सेना के लिए हथियार खरीदने, रक्षा सौदों और सैन्य उपकरणों की सप्लाई में लंबे समय से बड़े स्तर पर गड़बड़ी चल रही थी। आरोप हैं कि कई वरिष्ठ अधिकारियों ने सैन्य ठेके देने और रक्षा सौदों में करोड़ों की रिश्वत ली। इसी वजह से पिछले एक साल में चीन के रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़े कई बड़े अधिकारियों को हटाया गया है।
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सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने की जांच
ली शांगफू और वेई फेंगहे के खिलाफ जांच चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन यानी CMC की एजेंसियों ने की थी। यह संस्था चीन की सेना पर सीधा नियंत्रण रखती है और इसके चेयरमैन खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं। CMC के अधीन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, पीपुल्स आर्म्ड पुलिस और अन्य सैन्य इकाइयां काम करती हैं।












