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ट्रंप बोले ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म होगा!क्योंकि वो थक चुका, ईरान का जवाब- अगर दोबारा वॉर हुआ तो...

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन को अपना अधिकार मानता है और इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। राष्ट्रपति मसूद पजशेकियान ने कहा कि बातचीत जरूर होगी, लेकिन ईरान किसी दबाव में नहीं झुकेगा।
क्योंकि वो थक चुका, ईरान का जवाब- अगर दोबारा वॉर हुआ तो...

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष बहुत जल्द खत्म हो सकता है। व्हाइट हाउस में सांसदों को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान अब बातचीत और समझौते की तरफ बढ़ना चाहता है, लेकिन अमेरिका उसे किसी भी हालत में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। पश्चिम एशिया में हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं और पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि क्या दोनों देशों के बीच टकराव कम होगा या स्थिति और गंभीर बनेगी।

अमेरिकी सीनेट में भी बढ़ा दबाव

अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के साथ ही अमेरिकी राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी सीनेट में एक वॉर पावर रेजोल्यूशन आगे बढ़ाया गया है, जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना राष्ट्रपति ईरान के खिलाफ लंबा सैन्य अभियान जारी नहीं रख सकते।

रिपब्लिकन बहुमत वाली सीनेट ने इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने के पक्ष में वोट किया। इससे साफ है कि अमेरिका के भीतर भी ईरान को लेकर रणनीति पर मतभेद दिखाई दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें: रूसी राष्ट्रपति पुतिन पहुंचे चीन : राष्ट्रपति जिनपिंग से कई मुद्दों पर करेंगे मुलाकात, जानें क्या जरूरी है यह दौरा

ट्रंप बोले - बड़ा हमला टाल दिया

पिछले 24 घंटों में सबसे बड़ा बयान खुद ट्रंप का रहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने की तैयारी में था, लेकिन फिलहाल उसे रोक दिया गया है। ट्रंप के मुताबिक, कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों ने अपील की थी कि बातचीत को एक मौका दिया जाए। इस बयान से संकेत मिलते हैं कि अमेरिका फिलहाल सीधी जंग से बचते हुए दबाव और बातचीत दोनों रणनीतियों पर साथ काम कर रहा है।

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पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

  1. ट्रंप ने ईरान पर बड़ा हमला टाला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर बड़ा सैन्य हमला करने वाला था, लेकिन फिलहाल उसे रोक दिया गया। ट्रम्प के मुताबिक कतर, सऊदी अरब और UAE ने बातचीत को मौका देने की अपील की थी।

2. होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नया कंट्रोल सिस्टम

ईरान ने पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी बनाकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए अनुमति जरूरी कर दी है। ईरान ने चेतावनी दी है कि बिना परमिशन गुजरने वाले जहाजों को अवैध माना जाएगा।

3. ईरान बोला- यूरेनियम संवर्धन नहीं रोकेंगे

ईरान ने साफ कहा कि यूरेनियम संवर्धन उसका अधिकार है और वह किसी दबाव में नहीं झुकेगा। राष्ट्रपति मसूद पजशेकियान ने कहा कि बातचीत हो सकती है, लेकिन ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करेगा।

4. ट्रंप-नेतन्याहू पर इनाम वाला बिल तैयार

ईरानी संसद में ऐसा प्रस्ताव लाने की तैयारी है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वालों को भारी इनाम देने की बात कही गई है।

5. अमेरिकी प्रतिबंधों से ईरानी तेल समुद्र में फंसा

अमेरिका ने ईरान की कई कंपनियों और 19 जहाजों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाकेबंदी के कारण ईरान को पुराने टैंकरों में समुद्र के बीच तेल स्टोर करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें: US Iran Tension: ट्रंप का कौन सा ऐलान बना चेकमेट ? ईरान ने दिया करारा जवाब

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नया दांव

तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण और मजबूत करने की कोशिश की है। ईरान ने पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी नाम से नया सिस्टम बनाया है, जिसके तहत अब वहां से गुजरने वाले जहाजों को अनुमति लेना जरूरी होगा। ईरान ने साफ कहा है कि बिना परमिशन गुजरने वाले जहाजों को अवैध माना जाएगा।

क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में गिना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। अगर यहां तनाव बढ़ता है तो तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है।

इसी बीच, दो महीने से फारस की खाड़ी में फंसे चीन के दो सुपरटैंकर आखिरकार होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकल गए। इन जहाजों में करीब 40 लाख बैरल कच्चा तेल भरा हुआ था।

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ईरान बोला- नहीं रोकेंगे परमाणु कार्यक्रम

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन को अपना अधिकार मानता है और इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। राष्ट्रपति मसूद पजशेकियान ने कहा कि बातचीत जरूर होगी, लेकिन ईरान किसी दबाव में नहीं झुकेगा।

वहीं ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि अगर दोबारा युद्ध हुआ तो अमेरिका को और बड़े सरप्राइज मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को भी निशाना बनाया था, हालांकि अमेरिका ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

नए प्रतिबंधों से बढ़ा दबाव

अमेरिका ने ईरान की कई कंपनियों और 19 जहाजों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। आरोप है कि ये कंपनियां ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के व्यापार में मदद कर रही थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान को समुद्र में खड़े पुराने टैंकरों में तेल स्टोर करना पड़ रहा है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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