इंदौर के IET हॉस्टल में नशे का नेटवर्क? पुलिस जांच के बाद बड़ा एक्शन

आईईटी हॉस्टल में गांजा पार्टी पकड़े जाने के बाद देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने तीन छात्रों को एक सेमेस्टर के लिए सस्पेंड कर दिया है, जबकि एक छात्र का प्रवेश निरस्त करने की तैयारी चल रही है।
 पुलिस जांच के बाद बड़ा एक्शन
फाइल फोटो

इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) हॉस्टल में हुई गांजा पार्टी अब छात्रों पर भारी पड़ गई है। पुलिस कार्रवाई के एक सप्ताह बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तीन छात्रों को एक सेमेस्टर के लिए सस्पेंड कर दिया है, जबकि एक छात्र का प्रवेश निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

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हॉस्टल में पकड़ी गई थी गांजा पार्टी

दरअसल, बीते मंगलवार को नशाखोरी रोकने के अभियान के तहत पुलिस ने आईईटी हॉस्टल में दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान इंजीनियरिंग के चार छात्रों को गांजा सेवन और नशीले पदार्थों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस पूछताछ में ड्रग सप्लाई से जुड़े तस्करों और पैडलरों के नाम भी सामने आए थे, जो कथित तौर पर हॉस्टल और कॉलेजों में नशीले पदार्थ पहुंचाते थे।

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चार छात्रों को लिया गया था हिरासत में

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आयुष झा निवासी गोल्डन नेस्ट मुंबई, विवेक शर्मा निवासी राजाराम नगर देवास, उमंग अग्रवाल निवासी सबलगढ़ मुरैना और दीपांशु अहिरवार निवासी नर्मदापुरम को हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिस ने पूरी जानकारी आईईटी प्रशासन को भेजी। मामले को गंभीर मानते हुए संस्थान की अनुशासन समिति ने चारों छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की।

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तीन छात्र सस्पेंड, एक पर बड़ी कार्रवाई संभव

मामले की रिपोर्ट कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई को सौंपी गई। आईईटी के निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल ने बताया कि बीटेक तृतीय वर्ष के एक छात्र और प्रथम वर्ष के दो छात्रों को जुलाई से दिसंबर 2026 तक एक सेमेस्टर के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंड किए गए छात्र इस अवधि में किसी भी शैक्षणिक कक्षा, लैब, परीक्षा या संस्थान की गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। वहीं एक अन्य छात्र का प्रवेश निरस्त करने पर विचार किया जा रहा है।

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“डर जरूरी है”, प्रशासन ने दिया सख्त संदेश

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि हॉस्टल में अनुशासन बनाए रखने और नशे की प्रवृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। प्रशासन ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाने से छात्रों में डर बना रहेगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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